राहत इंदौरी का निधन: हार्ट अटैक से हुई मौत, कहीं कोरोना तो इसकी वजह नहीं | health – News in Hindi

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शोध में पता चला है कि कोरोना हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है.

जर्मनी (Germany) में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल फ्रैंकफर्ट के शोधकर्ताओं (Researchers) ने शोध कर बताया था कि कोविड-19 हार्ट अटैक (Heart Attack) का कारण बन सकता है. वैज्ञानिकों ने पाया था कोरोना के तीन-चौथाई से अधिक मरीजों के हृदय की संरचना में बदलाव हो रहा है.

मशहूर शायर राहत इंदौरी (Rahat Indori) का यूं चले जाना लोगों को मायूस कर गया. उनकी मौत की खबर आने के बाद से देश में शोक की लहर दौड़ गई है. कल सुबह उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था वो कोरोना (Corona) पाजिटिव मिले थे. शाम को दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई. डॉक्टरों (Doctor) ने बताया कि यह सब बहुत ही कम समय में हो गया.

वहीं जर्मनी में हुआ एक शोध (Research) राहत इंदौरी को हार्ट अटैक आने के पीछे कोरोना की ओर इशारा कर रहा है. इस शोध में वैज्ञानिकों ने कहा था कि कोविड-19 का दिल में बहुत ही बुरा असर पड़ता है. कोरोना हार्ट अटैक (Heart Attack) का कारण भी बन सकता है. जर्मनी में हुए इस शोध में कहा गया था कि कोरोना वायरस दिल की सेहत पर वैसे ही हमला करता है जैसे हार्ट अटैक. जर्मनी में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल फ्रैंकफर्ट के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 से संक्रमित 100 मरीजों के दिल की सेहत का विश्लेषण किया था. वैज्ञानिकों ने पाया था करीबन तीन-चौथाई से अधिक मरीजों के हृदय की संरचना में बदलाव हो रहा है.

शोध में पता चला था कि 76 फीसदी लोगों में उच्च मात्रा में ‘ट्रोपोनीन’ प्रोटीन की मौजूद था, जो हृदय की कोशिकाओं को दिल का दौरा पड़ने के जितना नुकसान पहुंचाने के लिए काफी था. वहीं 60 प्रतिशत संक्रमितों के हृदय में सूजन देखने को मिली थी. शोधकर्ताओं ने कहा था कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति का दिल लंबी अवधि के लिए कमजोर हो जाता है.

राहत इंदौरी की किताब ‘मेरे बाद’: हमारे पांव का कांटा हमीं से निकलेगाअस्पताल ने अपने बयान में यह कहा
इंदौर की अरबिंदो अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि राहत इंदौरी को मंगलवार दोपहर एक बजे दिल का दौरा पड़ा था. इससे उन्हें बचा लिया गया, लेकिन इसके दो घण्टे बाद ही उन्हें फिर से दिल का दौरा पड़ा. इस बार शाम पांच बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि राहत इंदौरी के दोनों फेफड़ों में 60 प्रतिशत तक निमोनिया था. इस वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. उन्हें उच्च स्तर की एंटीबायोटिक और नवीनतम एंटीवायरल दवाएं दी जाती थीं.

मंगलवार रात हुए सुपुर्द-ए-खाक
कोरोना काल में विशेष प्रोटोकाल के बीच शायर राहत इंदौरी को मंगलवार रात सुपुर्दे-ए-खाक दिया गया. कोरोना के चलते उनकी अंतिम विदाई में बहुत सारे लोग शामिल नहीं हो सके. उनके परिवार के कुछ लोगों की मौजूदगी में इंदौर के छोटी खजरानी स्थित कब्रिस्तान में उनके शरीर को दफनाया गया.



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