राम मंदिर ट्रस्ट की बढ़ीं मुश्किलें, हिंदू पक्षकार रहे धर्मदास ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, थाने में दी तहरीर -up news dharamdas complaint against ram mandir trust in land deal case upat– News18 Hindi

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अयोध्या. रामलला के मंदिर निर्माण के विस्तारीकरण के दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janambhoomi Teerth Kshetra) के द्वारा खरीदी गई जमीन को लेकर खड़ा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. 1949 में श्री राम जन्म भूमि परिसर में रामलला की मूर्ति बैठाने के आरोपी रहे स्वर्गीय अभिराम दास के शिष्य व राम मंदिर मामले में हिंदू पक्षकार रहे धर्मदास ने चार जमीनों की खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विक्रेता, क्रेता और गवाहों के नाम एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना राम जन्मभूमि में तहरीर दी है. हालांकि प्रशासनिक तौर पर अभी कोई भी मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है और न ही को कोई भी अधिकारी संपूर्ण मामले में अपना पक्ष रखने के लिए कैमरे के सामने आ रहा है.

राम मंदिर मामले में हिंदू पक्ष के पक्षकार रहे धर्मदास ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित समर्पण निधि का दुरुपयोग ट्रस्ट के द्वारा किया जा रहा है. साथ ही नजूल की जमीन जिसे बेचने और खरीदने का अधिकार केवल सरकार के पास होता है वह जमीन खरीदी और बेची जा रही है. इसमें संबंधित रजिस्टार के नाम भी तहरीर में शामिल किया गया है.

इनके खिलाफ तहरीर
तहरीर में जिन्हें आरोपी बनाया गया है उसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री व ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा, ट्रस्ट के समस्त पदाधिकारी और सदस्य तथा जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में गवाह जिसमें कई अयोध्या के वरिष्ठ आंतों का भी नाम है और गोसाईगंज के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी का नाम शामिल है.

ये है पूरा मामला
बताते चलें कि राम मंदिर निर्माण के लिए वास्तु दोष समाप्त करने के लिए मंदिर के परकोटे को सीधा किया जाना है. जिसके लिए परकोटे की जद में आ रहे कई मठ, मंदिर और गृहस्थ आश्रम के लोगों से उनके मकान और मंदिर खरीदे गए हैं. उनको पुनर्स्थापित करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के द्वारा शहर में कई जगहों पर जमीन खरीद करके दी जा रही है. इस जमीन खरीद-फरोख्त में बीते दिनों काफी आरोप-प्रत्यारोप लगे. जिसमें ट्रस्ट के ऊपर भी गंभीर आरोप लगे. अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय तथा कई भूमि क्रय और विक्रय के व्यवसाय से शामिल भू माफियाओं का भी नाम शामिल था. हालांकि इस संपूर्ण मामले पर खुद ट्रस्ट के द्वारा गठित कमेटी के द्वारा ट्रस्ट को क्लीन चिट दी जा चुकी है. लेकिन अयोध्या के वरिष्ठ संत निर्वाणी अखाड़ा के श्री महंत और हनुमानगढ़ी के पंच महंत धर्मदास ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत ट्रस्ट के सभी सदस्य और ट्रस्टी तथा जमीन का खरीद-फरोख्त करने वाले लोग और जमीन खरीद-फरोख्त में गवाह की भूमिका निभाने वाले लोगों के नाम  राम जन्म जन्मभूमि थाने में तहरीर दी गई है.

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