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आगरा समेत ब्रज में त्योहारों पर घेवर का अलग ही महत्व है. घेवर का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. जिन्होंने केवल खाया है वे घेवर के स्वाद से बखूबी परिचित है. लोगों को घेवर इतना पसंद है कि रक्षाबंधन से महीने भर पहले ही बाजारों में इसकी बिक्री और बनना शुरू हो जाता है. आजकल बाजारों में घेवर के अलग-अलग वैरायटी बन रही हैं. हरियाली तीज से ही लोग घेवर खरीदना शुरू कर देते हैं. आगरा की ऐसी कोई हलवाई की दुकान नही है जहां पर अगस्त के महीने में घेवर बनता दिखाई ना दे .

जानिए कितने प्रकार के घेवर घोल रहे हैं मिठास
पहले केवल सादा और मीठा घेवर ही हलवाई दुकानों पर बनाते थे, लेकिन अब लोगों की डिमांड के हिसाब से अलग-अलग तरह के फ्लेवर वाले  स्वादिष्ट घेवर बाजारों में उपलब्ध है. अब हलवाइयों की दुकानों पर चॉकलेटी, मलाई, दूध , मीठा, शुगर फ्री घेवर, केसर,उपलब्ध है. इसके साथ ही घेवर के अलग-अलग साइज भी होते हैं .छोटा और सफेद घेवर लोगों की खास डिमांड में रहता, इसके अलावा बड़ा घेवर भी बनाया जाता है जिसका वजन लगभग 5 किलो का रहता है.

इस बार शुगर फ्री घेवर की है खास डिमांड 
घेवर बेचने और बनाने वाले दुकानदार ने बताया कि इस बार शुगर फ्री घेवर खासा डिमांड में है .जिन लोगों को डायबिटीज है वे घेवर खाने से कहीं ना कहीं परहेज करते है.इसलिए उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए इस बार शुगर फ्री घेवर भी बनाया गया है.  डायबिटीज वाले पेशेंट आसानी से घेवर स्वाद ले सकतें है.

आप घर पर भी बना सकते हैं स्वादिष्ट घेवर 
घर पर भी आप स्वादिष्ट घेवर बना सके. इसके लिए आपको मैदा ,पानी ,चीनी वनस्पति तेल और बर्फ की आवश्यकता होती है 1 किलो मैदा में 1 लीटर पानी, पानी की जगह आप दूध का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ठंडा करने के लिए उसमें बर्फ उसके बाद उसे अच्छी तरह से फेंटना पड़ता है. यह पेस्ट बिल्कुल पतला होना चाहिए. इसके बाद एक चपटी कढ़ाई में गोल आकार का बर्तन जो आर-पार हो उसे तेल में रख कर उसमे पेस्ट डालते है . याद रहे ये धीमी आंच पर तैयार किया जाता है.

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