यूपी पंचायत चुनाव की समीक्षा कर दिल्ली लौटे राधामोहन, कई दौर की बैठकों के बाद तय कर गए रणनीति

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लखनऊ. बीजेपी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने 5 मई को दोपहर लखनऊ पहुंचते ही पंचायत चुनाव की समीक्षा शुरू कर दी थी. सीएम, प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन के साथ कई दौर की बैठक के बाद पंचायत चुनाव मे लगे झटके से उबरते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख अध्यक्ष जिताने की रणनीति पर मंथन किया गया. चार दिन बाद 9 मई की सुबह यूपी के फीडबैक के साथ बीजेपी प्रभारी दिल्ली रवाना हो गए और जाते-जाते जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख अध्यक्ष के जीत का लक्ष्य तय कर गए हैं. रणनीति के मुताबिक अब बीजेपी अपना पूरा ध्यान निर्दलीयों को अपने पाले में करने में लगाएगी. बीजेपी पंचायत चुनाव प्रभारी विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि यह पूरा चुनाव ही निर्दलीय हैं क्योंकि पार्टी ने प्रत्याशियों को समर्थन दिया था. इसलिए पार्टी की कोशिश है कि अपने उम्मीदवारों को जिताएं और इसके लिए वो निर्दलीय उम्मीदवारों के संपर्क में हैं. वे कहते हैं कि जीतने वालों में प्रभावी संख्या ऐसे उम्मीदवारों की है जो बीजेपी कार्यकर्ता हैं. इसके साथ ही दूसरे निर्दलीय उम्मीदवार भी संपर्क में हैं. बीजेपी उन उम्मीदवारों को जो प्रभावी हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी में वोट जुटाने में सक्षम हैं उन्हें भी बीजेपी में शामिल कर उम्मीदवार बना सकती है. वह जिले जहां बीजेपी निर्दलीय उम्मीदवारों पर डालेगी डोरे लखनऊ, बस्ती, मऊ, वाराणसी, देवरिया, हाथरस, मीरजापुर, चित्रकूट, उन्नाव, मैनपुरी, अम्बेडकरनगर, बलरामपुर, फिरोजाबाद, बरेली, रामपुर, मेरठ, गोरखपुर, गाजियाबाद, अमेठी, बलिया, हमीरपुर, हरदोई, रायबरेली, बहराइच, झांसी, आगरा, शाहजहांपुर, महाराजगंज, बदायूं, आजमगढ़, प्रयागराज, चंदौली, संतकबीर नगर, कौशांबी, बिजनौर, फतेहपुर, कानपुर देहात, सुल्तानपुर, श्रावस्ती, ललितपुर, संभल, खीरी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कुशीनगर, कानपुर नगर, महोबा, बांदा, सीतापुर, शामली, प्रतापगढ़, सोनभद्र, अमरोहा, अलीगढ़, सिद्धार्थनगर, भदोही, जालौन, औरैया, गोंडा, बाराबंकी, बुलंदशहर, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद, पीलीभीत.



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