मौसम में बड़े बदलावों से महिलाओं के खिलाफ हिंसा, यौन शोषण बढ़ा; जल्दी शादी का खतरा भी | Climate Change; Violence Against Women And Girls

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4 मिनट पहले

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क्लाइमेट चेंज से महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा में वृद्धि हो रही है। ये खुलासा हाल में एक अध्ययन से हुआ है। अध्ययन में कहा गया कि बाढ़, सूखा, तूफान, जैसे एक्सट्रीम वेदर की घटनाओं के बाद महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के साथ ही यौन शोषण के मामले बढ़े हैं।

द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च में पांच महाद्वीपों को शामिल किया गया। रिसर्च कराने वाली साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक सारा ने कहा, ‘जब हम जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बारे में सोचते हैं, तो कुछ कठोर चीजें याद करते हैं। मगर कुछ और छिपे हुए परिणाम भी हैं, जो आसानी से दिखाई नहीं देते या उन पर आसानी से स्टडी नहीं कर पाते हैं। इन्हें में शामिल है जेंडर आधारित हिंसा।’

क्लाइमेट चेंज से लोगों में असमानता बढ़ती है

उप-सहारा अफ्रीका से जुड़े पांच शोधों में सामने आया कि सूखा पड़ने पर शारीरिक शोषण, बाल विवाह, दहेज हिंसा और स्त्री-हत्या जैसे मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।

उप-सहारा अफ्रीका से जुड़े पांच शोधों में सामने आया कि सूखा पड़ने पर शारीरिक शोषण, बाल विवाह, दहेज हिंसा और स्त्री-हत्या जैसे मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।

आर्थिक परेशानी, सामाजिक अस्थिरता, खराब वातावरण और तनाव जैसी चीजों के चलते हिंसा में बढ़ती है। एक रिसर्च में ये भी पाया गया कि तूफान कैटरीना के बाद नई माओं को आदमियों द्वारा पीटे जाने की संभावना आठ गुना से ज्यादा थी। उप-सहारा अफ्रीका से जुड़े पांच शोधों में सामने आया कि सूखा पड़ने पर शारीरिक शोषण, बाल विवाह, दहेज हिंसा और स्त्री-हत्या जैसे मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।

एक्सट्रीम वेदर से तनाव की स्थिति पैदा हो रही

एक्सट्रीम वेदर की घटना लोगों को भारी तनाव में डाल सकती है। उन्हें विस्थापित कर सकती है। अक्सर ऐसी हिंसा को बढ़ावा महिला-पुरुष असमानता के कारण मिलता है। ऐसा न होने पर महिलाओं की स्थिति कमजाेर होने लगती है। उदाहरण के लिए, एक परिवार बाढ़ के बाद खर्च कम करने के लिए जल्द से जल्द बेटी की शादी कर देता है।

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