मेरठ कमिश्रर- Oxygen cylinders to be filled for 400 rupees instead of 600 strict action on liar hospitals said Meerut Commissioner upas

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मेरठ मण्डल के कमिश्रनर सुरेन्द्र सिंह ने ऑक्सीजन सिलिंडर भरने की कीमत में 200 रुपये की कमी कर दी है.

Meerut News: मेरठ मण्डल के कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने आज ऑक्सीजन सिलेंडर संग्रह-वितरण केंद्र का औचक निरीक्षण किया. इसके बाद उन्होंने कहा कि ऐसे हॉस्पिटल, जो ऑक्सीजन न होना कहकर केंद्रों पर तीमारदार को भेज रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा.

मेरठ. उत्तर प्रदेश में मेरठ (Meerut) मण्डल के कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह (Commissioner Surendra Singh) ने कहा है कि ऑक्सीजन सिलिंडर (Oxygen Cylinder) अब 200 रुपए सस्ता भरा जाएगा. यानी एक सिलिंडर में 600 की बजाए अब 400 रुपए में ऑक्सीजन भरी जाएगी. अगर कोई रिफिलिंग सेंटर (Refiling Centre) इससे ज्यादा वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. ये निर्देश मण्डल के सभी ज़िलाधिकारियों मुख्य विकास अधिकारियों और सीएमओ के साथ हुई वर्चुअल बैठक में दिए गए. दरअसल मेरठ मण्डल के कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने आज ऑक्सीजन सिलेंडर संग्रह-वितरण केंद्र का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि ऐसे हॉस्पिटल, जो ऑक्सीजन न होना कहकर केंद्रों पर तीमारदार को भेज रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा. कमिश्नर ने खाली सिलेंडर तत्काल गैस प्लांट रिफलिंग के लिए भेजने के निर्देश दिए. सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि 5 घंटे के भीतर जरूरतमंदों को ऑक्सीजन भरे सिलेंडर उपलब्ध हों. नवभारत विद्यापीठ इंटर कालेज पहुंचे कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गैस प्लांटो पर कहीं भी ऑक्सीजन की किल्लत नहीं है. एसडीएम सदर को गैस प्लांट से समन्वय बनाकर व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया.

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औचक निरीक्षण में सामने आया सचकमिश्रर के औचक निरीक्षण के दौरान केंद्र पर काफी लोग ऑक्सीजन के लिए खाली सिलेंडर लेकर काउंटर पर दस्तावेज जमा कर रहे थे. कमिश्नर को बताया गया कि सुबह 10 बजे से अभी तक लगभग 30 खाली सिलेंडर जमा हो गए हैं. कमिश्नर ने पूछा कि खाली सिलेंडर गैस प्लांट भरने के लिए क्यों नहीं भेजे? केंद्र के नोडल अधिकारी ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक खाली सिलेंडर जमा करने का निर्देश हैं. गैस प्लांट तक खाली सिलेंडर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को गैस प्लांट तक पहुंचाने हैं और वहां भरने के बाद फिर केंद्र में उन्हीं को सुपुर्द करना है. इसके बाद ही आक्सीजन भरे सिलेंडर का वितरण किया जाता है. इस प्रक्रिया में 24 घन्टे लग जाते हैं. कमिश्नर ने पूछा कि अगर कोई तीमारदार यह कहता है कि इमरजेंसी है, तब उसे आक्सीजन भरा सिलेंडर मुहैया कराने की क्या व्यवस्था है? केंद्र के नोडल अधिकारी ने कहा कि स्टाक में एक भी ऑक्सीजन भरा सिलेंडर नहीं है. जिस पर कमिश्नर ने एसडीएम से कहा कि कम से कम 40 से 45 ऑक्सीजन भरे सिलेंडर स्टाक करने की व्यवस्था होनी चाहिए. ताकि इमरजेंसी में तत्काल जरूरतमंद को आक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके. उन्होंने कहा कि 24 घन्टे आक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराने की व्यवस्था ठीक नहीं है. 5 घंटे के अंदर ऑक्सीजन भर जाए
कमिश्नर ने केंद्र के नोडल अधिकारी को निर्देश दिया कि जैसे ही 20 खाली सिलेंडर जमा हो जाएं. तत्काल उन्हें अग्रवाल गैस प्लांट भेजा जाए. हर हाल में तत्काल प्रभाव से पांच घन्टे के भीतर ऑक्सीजन से भरा सिलेंडर जरूरतमंद को उपलब्ध कराया जाए . कमिश्नर ने अपने सामने ही नगर निगम की गाड़ी मंगवाई. फौरन खाली सिलेंडर नगर निगम ने गैस प्लांट भेजी कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान एक तीमारदार राहुल ने बताया कि उसकी मां की हालत गम्भीर है. उसे ऑक्सीजन की जरूरत है. गणपति हास्पिटल में भर्ती के लिए सम्पर्क किया था. लेकिन ऑक्सीजन न होने की बात कहकर भर्ती नहीं किया गया . कमिश्नर ने तीमारदार को जल्द से जल्द आक्सीजन भरा सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. कमिश्नर ने एसडीएम सदर से कहा कि हास्पिटल से जानकारी लो. उन्होंने नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि एक रजिस्टर बनवाएं, जिस पर यह अंकित करें कि कौन हास्पिटल हैं, जो ऑक्सीजन न होने की बात कहकर इन केंद्रों पर तीमारदार को भेज रहे हैं. ऐसे हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.







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