महाशिवरात्रि महोत्सव: काशी में कैलाश खैर की गायकी पर झूम उठे शिवभक्त

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कैलाश की सूफियाना धुनों पर बिखरी शिवभक्ति की झलक, बनारस में झूम उठे भोले के  भक्त.

महोत्सव की तीसरी निशा कैलाश खैर के नाम रही. शिव भक्त के तौर पर पहचाने जाने वाले मशहूर गायक कैलाश खैर ने भोले की नगरी काशी में अपने गीतों का ऐसा जादू बिखेरा कि काशी का कोना कोना शिवमय हो गया.

वाराणसी. काशी में महाशिवरात्रि महोत्सव (Mahashivratri Festival) की धूम मची है. 11 मार्च से 16 मार्च तक चलने वाले पांच दिनी महोत्सव में स्थानीय कलाकारों (local artists) से लेकर नामी-गिरामी कलाकार तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. महोत्सव की तीसरी निशा कैलाश खैर (Kailash Khair) के नाम रही. शिव भक्त के तौर पर पहचाने जाने वाले मशहूर गायक कैलाश खैर ने भोले की नगरी काशी में अपने गीतों का ऐसा जादू बिखेरा कि काशी का कोना कोना शिवमय हो गया. कैलाश खैर ने जैसे ही अपना प्रसिद्ध गीत बकड़ बम बम गाया तो काशीवासी झूमते हुए नजर आए.

महाशिवरात्रि समारोह के मौके पर भगवान शिव की नगरी वाराणसी के राजघाट पर इस बार पांच दिवसीय महोत्सव का मंच सजा हुआ है. तीसरे दिन प्रसिद्ध गायक कैलाश खैर ने गायकी से समां बांध दिया. कैलाश ने शिव के नगरी में एक के बाद एक सूफी और कई गीतों को भगवान शिव के नाम समर्पित किया. मंच पर गीत-संगीत के साथ कैलाश खैर की आवाज ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. खुद यूपी सरकार के धर्मार्थ मंत्री नीलकंठ तिवारी भी मंच पर थिरकते हुए नजर आए. कैलाश के गीतों ने काशी वासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

राष्ट्रीय के साथ बनारसी कलाकारों ने दी प्रस्तुति

इस महोत्सव को शुरुआत शिवरात्रि के निशा से की गई है. महोत्सव के जरिये स्थनीय कलाकारों को एक बड़ा मंच दिया गया है, ताकि बनारस का संगीत भी दुनिया के सामने आए. पिछले 3 दिन में इस महोत्सव में बनारस घराने के नामचीन गायक भी अपनी पेशकश दे चुके हैं. जिसमें राजन साजन मिश्र, मालिनी अवस्थी जैसे कलाकार शामिल हैं.यूपी सरकार की तरफ से शुरू हुए इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव तैयारी कर रहा है, ताकि हर वर्ष इस आयोजन से स्थानीय कलाकारों को एक ऐसा मंच मिले जो उन्हें एक पहचान देने का काम कर सके.






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