महाराष्ट्र बीजेपी के सीनियर लीडर एकनाथ खडसे ने देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ खोला मोर्चा

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हाइलाइट्स:

  • बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे इन दिनों महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस पर खुलकर हमला कर रहे हैं
  • खडसे ने आरोप लगाया कि फडणवीस की गलत नीतियों की वजह से राज्य में बीजेपी को नुकसान हुआ
  • फडणवीस को अपनी कुर्सी को खतरा महसूस हो रहा था इसलिए कई नेताओं को इसलिए टिकट नहीं दिया गया: खडसे

विशेष संवाददाता, मुंबई
BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा निशाना साधा है। खडसे ने राज्य में वापस बीजेपी की सरकार न बन पाने के लिए फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पूछा, ‘जब बीजेपी अकेले दम पर चुनाव लड़ी, तो उसे 123 सीटें हासिल हुई थीं और जब उसने शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, तो यह आंकड़ा कम कैसे हो गया?’ खडसे ने कहा कि यह सब फडणवीस की गलत नीतियों की वजह से हुआ।’ चुनाव जीतने वाले अनेक नेताओं को टिकट ही नहीं दिया, क्योंकि उनसे फडणवीस को मुख्यमंत्री की कुर्सी का खतरा महसूस हो रहा था।

खडसे ने फडणवीस पर हमला करते हुए कहा था कि जो लोग 15 साल पहले राजनीति में आए, वे अब उनके जैसे नेताओं को सिखाने की कोशिश कर रहे हैं। ऑपरेशन लोटस की खबरों पर खडसे ने कहा कि वर्तमान में ‘पार्टी के पास महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है। छोटा-मोटा दल बदल इसके लिए पर्याप्त साबित नहीं होगा। यदि सरकार बनानी है तो विधायक नहीं एक समूची पार्टी का भाजपा में विलय कराना होगा। यह पहली बार है कि खडसे फडणवीस का नाम लेकर इतने आक्रामक हुए हैं।

खडसे ने कहा कि उनके खिलाफ इतनी साजिश रची गई है कि वह ‘नाना साहब फडणवीस के कारनामे’ नामक किताब लिखने वाले हैं। दाऊद इब्राहिम की पत्नी से मेरी फोन पर बातचीत, मुझ पर जमीन घोटाला जैसे अनेक आरोप एक-एक कर इसलिए लगाए गए, क्योंकि मैं मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार था। सिर्फ मेरे साथ ही नहीं, पार्टी के अन्य नेताओं के साथ भी ऐसा किया गया, जो मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदार बन सकते थे। खडसे ने कहा कि जिस ‘हैकर’ ने मेरे ऊपर दाऊद की पत्नी से बात करने के आरोप लगाए थे और जिस दिन यह मामला देश भर में मीडिया की सुर्खियां बना, उसी रात डेढ़ बजे के करीब वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिला था। उनके साथ तत्कालीन कांग्रेस नेता कृपाशंकर सिंह भी थे। मेरे पास उस मुलाकात की फोटो भी है। इसके बाद मेरे दामाद द्वारा ‘लिमोजिनी कार’ खरीदने, मेरे द्वारा एमआईडीसी की जमीन खरीदने जैसे एक-एक कर आरोपों की झड़ी लग गई। इससे पहले के मेरे 40 साल के राजनीतिक जीवन में कोई आरोप नहीं लगा।

खडसे दावा कर रहे हैं, ‘मेरे खिलाफ हुए षड्यंत्र की हर कड़ी की मुझे जानकारी है। इस षड्यंत्र में कौन-सा मंत्री शामिल था, किस मंत्री का पीए अंजलि दमानिया से मिलता था, इस सबके विडियो फुटेज मेरे पास हैं और यह मैंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पहले भी बताया था। मंत्री के पीए की एक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत के फोटो भी मेरे पास हैं।’ खडसे ने फडणवीस को ड्रायर क्लीनर भी कहा। जिनकी लॉन्ड्री में कई नेताओं को क्लीनचिट दी गई।

फडणवीस ने भी दिया करार जवाब
खडसे के इन खुले आरोपों का देवेंद्र फडणवीस ने भी करारा जवाब दिया है। फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि उनके पास काफी धैर्य है और वह व्यक्तिगत विषयों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करते। फडणवीस शुक्रवार को दिल्ली में थे। जब संवाददातओं ने उनसे खडसे के आरोपों पर सवाल पूछे, तो फडणवीस ने कहा कि खडसे को भांगले से जुड़े विषय में इस्तीफा नहीं देना पड़ा और इसके बजाय मामले में उन्हें 12 घंटे के अंदर क्लीन चिट दी गई। उन्होंने कहा, ‘खडसे को जमीन कब्जा करने के मामले में इस्तीफा देना पड़ा था। मैंने एक न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक समिति गठित की थी। खडसे ने खुद इसकी मांग की थी।’

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