भारत में अभी पीक पर नहीं पहुंचे हैं कोरोना संक्रमण के मामले, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ | health – News in Hindi

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भारत में प्रतिदिन कोरोना के 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं.

वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. कुछ देशों में तो कोरोना पूरी तरह से खत्म होने के बाद दूसरी लहर आने का खौफ लोगों के मन में सता रहा है. अमेरिका, रूस के बाद भारत में कोरोना वायरस के (Corona Case in India) आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं.

नई दिल्ली. वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. कुछ देशों में तो कोरोना पूरी तरह से खत्म होने के बाद दूसरी लहर आने का खौफ लोगों के मन में सता रहा है. अमेरिका, रूस के बाद भारत में कोरोना वायरस के (Corona Case in India) आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में रोजाना कोरोना के 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. भारत में कोरोना के 20 लाख से ज्यादा केस हो चुके हैं.

स्पेन में कोरोना वायरस से 239,638 लोग कोरोना से संक्रमित थे तो वहीं 27,127 लोगों की मौत हो चुकी है. संक्रमित मामलों की संख्या पर एक बार पूर्ण विराम लगने के बाद यहां कोरोना के नए मामले सामने लगे हैं. कोरोना के केस न आने के कारण सरकार ने  मुख्य रूप से राजधानी मैड्रिड, आरागॉन और बार्सिलोना के क्षेत्रों में लॉकडाउन प्रतिबंध हटा दिए गए हैं. 1 जून 2020 को स्पेन में कोरोना के 71 नए केस दर्ज किए गए और अब तक 1 हजार से ज्यादा कोरोना मामले दर्ज किए जा चुके हैं.

लंबे समय तक चलेगी महामारीः WHO
वहीं, कोरोना वायरस के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इस बात का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है कि कोरोना वायरस मौसम से प्रभावित होता है या नहीं. कोरोना वायरस एक बड़ी लहर के रूप में सामने आ रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का ये भी कहना है कि कोरोना महामारी समय तक चल सकती है.भारत में अभी शिखर पर नहीं पहुंचा कोरोना

भारत में लॉकडाउन के बाद अनलॉक 3 चल रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस महामारी के मामलों ने अब तक भारत में शिखर को नहीं छुआ है. आईसीएमआर (महामारी विज्ञान और संचारी रोग प्रभाग) के प्रमुख डॉ. ललित कांत का कहना है कि देश में कोरोना के मामले शीर्ष पर नहीं पहुंचे हैं. भारत में कोरोना का ग्राफ अभी एक सीधी रेखा में ऊपर की ओर जा रहा है. एक बार कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज किए जाने के बाद दूसरी तेज लहर आएगी.

कई जानकारों का कहना है कि कोरोना का पीक आवर सितंबर में आएगा. हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ये सब कुछ सरकारी प्रयासों और लोगों के सार्वजनिक तौर पर व्यवहार पर निर्भर करेगा.

कभी तेजी से ऊपर जाता ग्राफ, कभी नीचे
कांत का कहना है कि सीरो-सर्वेक्षण के अनुसार राजधानी दिल्ली में 5 में से 4 लोगों में कोरोना संक्रमण के मामले सामने नहीं आए हैं. दिल्ली के कोरोना संक्रमण के आंकड़ों को देखकर ऐसा लगता है कि हम पीक पर पहुंच गए हैं और फिर नीचे जा रहे हैं.

इन्फ्लुएंजा और कोविड-19 के लक्षण एक समान
डॉ. कांत ने कहा कि मानसून के कारण कोविड-19 का संक्रमण बढ़ सकता है. दूसरा, यह इन्फ्लुएंजा का मौसम है जो मानसून से शुरू होता है. इन्फ्लुएंजा के लक्षण कोविड-19 के लगभग समान हैं. लोग वर्तमान में केवल कोविड-19 के लिए टेस्टिंग करा रहे हैं. यदि उनमें फ्लू के लक्षण दिखते हैं, तो दोनों संक्रमण पहले से मौजूद समस्याओं का कारण बन सकते हैं.



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