ब्लड कैंसर से जूझ रहे IIT शोध छात्र आशीष दीक्षित की मदद को सीएम योगी ने बढ़ाया हाथ, नियम शिथिल कर 10 लाख की मदद | lucknow – News in Hindi

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने आईआईटी रुड़की के शोध छात्र आशीष कुमार दीक्षित की मदद के लिए सोशल मीडिया पर चल रहे कैंपेन का संज्ञान लिया और उन्हें 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 19, 2020, 9:33 AM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) तमाम व्यस्तताओं के बीच सोशल मीडिया पर भी नजर रखते हैं. गुरुवार को जहां सीएम एक तरफ मेरठ मंडल की बड़ी समीक्षा करने में व्यस्त थे. वहीं सोशल मीडिया से उन्हें पता चला कि आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) का एक शोध छात्र आशीष कुमार दीक्षित के ब्लड कैंसर (Blood Cancer) की बीमारी से जूझ रहा है. इसके बाद सीएम योगी ने खुद बीमार छात्र के परिवार से संपर्क किया और उन्हें 10 लाख की मदद दी. साथ ही सीएम ने छात्र के इलाज के लिए पीजीआई को बेहतर इलाज और हरसंभव मदद के आदेश दिए. आईआईटी के शोध छात्र आशीष दीक्षित की मदद के लिए सीएम योगी ने नियम शिथिल कर 10 लाख दिए.

आशीष कुमार दीक्षित लखीमपुर खीरी के वनकर्मी अशोक कुमार दीक्षित का इकलौता बेटा है. आशीष का इलाज पीजीआई में चल रहा है. आईआईटी रूडकी के शोध छात्र आशीष दीक्षित की मदद के लिए आईआईटी छात्रों ने सोशल मीडिया कैंपेन शुरू किया था. इस कैंपेन की जानकारी मिलते ही सीएम योगी ने उसके इलाज का खर्चा उठाने का फैसला किया.

इस दौरान पिता के सरकारी सेवा में होने और स्कॉलरशिप मिलने के चलते सरकारी मदद मिलने में अड़चन थी. लेकिन सीएम योगी ने मदद के आदेश दिए.

ashish cm yogi

इलाज के लिए स्वीकृत धनराशि

सोशल मीडिया पर चल रही कैंपेन

सोशल मीडिया पर आशीष की मदद के लिए आईआईटी के छात्र एक कैंपेन चला रहे हैं. बता दें आशीष आईआईटी रुड़की में डिपार्टमेंट ऑफ मैथमैटिक्स में पीएचडी स्कॉलर हैं. वह पढ़ाई के साथ ही खेलकूद में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेते रहे. लेकिन इसी साल अचानक जांच में उन्हें ब्लड कैंसर का पता चला. उसके बाद से ही उनका इलाज लखनऊ के एसजी पीजीआई में चल रहा है. शुरुआत में डॉक्टरों ने करीब 10 लाख रुपए का खर्च बताया था लेकिन अब ब्लड क्लॉटिंग आदि के कारण खर्च करीब 22 लाख रुपए तक बढ़ गया है. आशीष के परिवार की तरफ से इलाज में करीब 10 लाख रुपए खर्च भी किए गए हैं. लेकिन अब माली हालत ठीक न होने के कारण उन्हें मदद की जरूरत है.



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