बीजेपी MP ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र, बोले- कोरोना की तीसरी लहर से पहले क्या इंतजाम? kanpur bjp mp satyadev pachauri written letter to dy cm keshav maurya over corona cases upns

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बीजेपी सांसद ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र (File photo)

बता दें कानपुर (Kanpur) में कोरोना संक्रमण (COVID-19 Infection) की रफ़्तार बेलगाम हो चुकी है. पिछले 24 घंटों में 2000 से ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं.

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) शहर में कोरोना संकमण (COVID-19 Infection) के चलते हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं. अस्पतालों में बेड को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में शुक्रवार को कानपुर से बीजेपी सांसद सत्यदेव पचौरी ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर पहले से ही तैयारी करने के निर्देश देने का आग्रह किया है. बीजेपी सांसद ने कानपुर में कोविड-19 के मरीजों को ठीक से इलाज न मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि रोगियों को समय से उपचार नहीं मिल पा रहा है और वह अपने घर, एंबुलेंस या अस्पतालों के बाहर दम तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में ज्यादा लोगों की मौत हो रही है. पचौरी ने पत्र में कहा कि देश तथा विदेश के अनेक विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि भारत में कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर आ सकती है जो अपेक्षाकृत सबसे घातक होगी. उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से ही इसकी तैयारी करनी चाहिए.

भाजपा सांसद ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र

भाजपा सांसद ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र

मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन, दवाओं तथा टीकाकरण की समुचित व्यवस्था करनी होगी ताकि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर में लोगों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े. सांसद ने उपमुख्यमंत्री से गुजारिश की है कि वह अधिकारियों के साथ बैठक कर तीसरी लहर से पहले इससे निपटने के पुख्ता इंतजाम करें.

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कोरोना संक्रमण हुआ तेज बता दें कानपुर में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार बेलगाम हो चुकी है. पिछले 24 घंटों में 2000 से ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं. इस दौरान 25 मरीजों की मौत भी हो गई. प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होने की बात कही जा रही है, वहीं कानपुर में ऑक्सीजन प्लांट के बाहर लगी लोगों की लाइन उनके दावों की पोल खोल रही है. आलम यह है कि ऑक्सीजन की कमी का हवाला देते हुए प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को एडमिट नहीं किया जा रहा है.







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