बाघों के खौफ ने बढ़ा दी किसानों की आमदनी, गन्ने की जगह इन फसलों से हुआ चार गुना मुनाफा- up news pilibhit farmers start lemon and turmeric farming due to tiger fear upat– News18 Hindi

28
पीलीभीत. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) जनपद में जंगली जानवरों से परेशान किसानों ने एक नया प्रयोग शुरू किया और अपनी खेती-किसानी को नया रूप दिया है. इसके लिए उन्होंने गन्ने की खेती को छोड़कर उसकी जगह नींबू और हल्दी की खेती करना शुरू कर दिया है. इससे जहां उन्हें गन्ने के खेतों में छुपे जंगली जानवरों जैसे बाघ, तेंदुआ और भालू का खतरा खत्म हो गया, वहीं मुनाफा भी गन्ने से 4 गुना ज्यादा हो रहा है.

पीलीभीत के कलीनगर तहसील में पड़ने वाले गांव पुराना महाराजपुर गांव जंगल से सटा लगा हुआ है. यहां के किसान गन्ने की खेती पर निर्भर थे. लेकिन गन्ने के खेतों में जंगली जानवरों के छुपे होने का खतरा भी ज्यादा बना रहता था. इससे इन किसानों को जान माल का डर हमेशा बना रहता था. इसी वजह से किसानों ने कई साल तो गन्ने की खेती ही नहीं की. फिर उन्होंने एक नया प्रयोग किया. उन्होंने नींबू और हल्दी की खेती को शुरू किया, क्योंकि यह पेड़ छोटे और घने नहीं होते हैं. इसलिए जंगली जानवरों को दूर से देखा जा सकता था. इससे लोगों को फायदा भी हुआ. गन्ने से 4 गुना ज्यादा इन्होंने कमाया. अब किसानों की माली हालत मे लगातार सुधार हो रहा है.

क्या कहना है किसानों का

यहां के रहने वाले स्थानीय किसान दलवीर सिंह और हर्षित सरकार से जब बात की गई तो उनका कहना था कि हमको इस खेती से दो लाभ हो रहे हैं, एक तो जंगली जानवरों का लगातार बना हुआ ख़तरा खत्म हो गया. हम लोग जंगल के पड़ोस में ही हैं, इसलिए जंगली जानवर जैसे बाघ, तेंदुआ, भालू खेत में आकर छुप जाते थे, जिससे हम लोगों को हमेशा खतरा बना रहता था. साथ ही साथ जब से नींबू और हल्दी की खेती शुरू की है इसका फायदा यह हुआ है कि गन्ने की खेती से हमको 4 गुना ज्यादा फायदा हो रहा है. अब हम 1 एकड़ में तकरीबन एक लाख अस्सी हज़ार रुपए तक कमा लेते हैं.

डीएम ने की गोष्टी

पीलीभीत के डीएम पुलकित खरे को जब इस बाबत मालूमात हुई तो उन्होंने वहां पर एक गोष्ठी का आयोजन कराया, जिसमें कृषि विभाग, वन विभाग तथा अन्य विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया. इसके साथ ही स्थानीय किसानों को भी बुलाया गया और उनको जरूरी टिप्स दिए गए.

क्या कहना है डीएम का

पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे का कहना है कि किसानों द्वारा की गई यह एक अच्छी पहल है. इससे किसानों की आमदनी 4 गुना बढ़ी है. किसानों के आगे बढ़ाने के लिए हम समय-समय पर गोष्ठियों का भी आयोजन कर रहे हैं, क्योंकि उनके खेत जंगल से लगे हुए हैं, इसलिए इनको बाघों का खतरा भी लगातार बना रहता था, उससे भी इनको निजात मिलेगी.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

Source link