बर्रा अपहरण केस: फिरौती लेने के बाद भी अगवा संजीत की हत्या, पुलिस ने की पुष्टि, जानिए पूरा घटनाक्रम Kanpur kidnapping case, kidnapped Sanjit Yadav was killed even after taking the ransom, know the whole incident

36

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में करीब 1 महीने बाद बर्रा अपहरण मामले में आई बुरी खबर है. किडनैप युवक संजीत की 26-27 जून को ही गई हत्या कर दी गई थी.

बर्रा अपहरण केस: फिरौती लेने के बाद भी हुई अगवा संजीत यादव की हत्या (Photo Credit: फाइल फोटो)

कानपुर :

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर जिले में करीब 1 महीने बाद बर्रा अपहरण मामले में आई बुरी खबर है. किडनैप युवक संजीत की 26-27 जून को ही गई हत्या (Murder) कर दी गई थी. पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है. संजीत के पुराने दोस्तों ने मिलकर हत्या की और फिर उसके शव पांडु नदी में फेंक दिया. फिलहाल पुलिस शव को तलाशने में जुटी है. बता दें कि संजीत यादव नाम के युवक का अपहरण हुआ था. किडनैपर्स ने संजीत के परिवार से 30 लाख फिरौती भी ले ली थी. इसके बावजूद भी उसे नहीं छोड़ा गया था. 

यह भी पढ़ें: बालिग था मुठभेड़ में मारा गया विकास दुबे का साथी प्रभात, फर्जी थी टीसी

जानिए कब क्या हुआ

  • 22 जून- रात हॉस्पिटल से घर आने के दौरान संजीत का अपहरण हुआ.
  • 23 जून- परिजनों ने जनता नगर चौकी में उसकी गुमशुदगी की तहरीर दी.
  • 26 जून- एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ.
  • 29 जून- अपहरणकर्ता ने संजीत के परिजनों को 30 लाख की फिरौती के लिए फोन किया.
  • 5 जुलाई- परिजनों ने शास्त्री चौक पर जाम लगाकर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया.
  • 12 जुलाई- एसपी साउथ कार्यालय में इस बाबत दोबारा प्रार्थना पत्र दिया गया.
  • 13 जुलाई- परिजनों ने फिरौती की रकम 30 लाख से भरा बैग गुजैनी पुल से नीचे फेंक दिया, लेकिन फिर भी संजीत नहीं आया.
  • 14 जुलाई- परिजनों ने एसएसपी से शिकायत की, जिसके बाद संजीत को 4 दिन में बरामद करने का भरोसा दिया गया.
  • 16 जुलाई- बर्रा इंस्पेक्टर रंजीत राय को सस्पेंड किया गया.
  • 24 जुलाई- पुलिस ने संजीत की हत्या की पुष्टि की.

यह भी पढ़ें: कानपुर हत्याकांड का वांटेड और विकास दुबे का सहयोगी शिवम दुबे STF के हत्थे चढ़ा

गौरतलब है कि एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि गत 22 जून को संदीप यादव नामक एक लैब टेक्नीशियन का अपहरण कर लिया गया था. उसकी रिहाई के लिए 30 लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी. इस सिलसिले में बर्रा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था. पीड़ित परिवार ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों के जोर देने पर उन्होंने फिरौती के लिए 30 लाख रुपए की रकम इकट्ठा की और उनके कहने पर सोमवार को उसे रेल की पटरी पर फेंक दिया. मगर अपहरणकर्ता लोग उस रकम को ले गए और यादव को छोड़ा भी नहीं. 


First Published : 24 Jul 2020, 07:33:46 AM

For all the Latest Crime News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here