बच्चों को दूध से है एलर्जी? ऐसे करें पहचान और यूं दिलाएं छुटकारा | health – News in Hindi

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हर बच्चे के लिए दूध से एलर्जी के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं. ये दूध या इससे जुड़े उत्पाद खाने या पीने के कुछ मिनट या घंटे बाद दिखाई देते हैं.

बच्चों में दूध (Milk) से एलर्जी लैक्टोज इनटोलरेंस के कारण होती है. उन्हें लैक्टोज (Lactose) को पचाने में असमर्थता होती है. लैक्टोज दूध और दूध से बने उत्पादों में पाया जाने वाला प्राकृतिक शुगर है.




  • Last Updated:
    August 22, 2020, 8:14 AM IST

फूड एलर्जी (Food Allergy) बच्चों सहित किसी को भी हो सकती है. वयस्कों को यह पता चल जाता है कि उन्हें किस चीज से एलर्जी है, लेकिन बच्चे नहीं कर सकते. यह पता लगाना माता-पिता की जिम्मेदारी है कि उनके बच्चे को कुछ खाने या डेयरी आइटम से बच्चे को दिक्कत तो नहीं है. दूध से एलर्जी (Milk Allergy) बच्चों में सबसे आम है. बच्चों में दूध (Milk) से एलर्जी लैक्टोज इनटोलरेंस के कारण होती है. उन्हें लैक्टोज (Lactose) को पचाने में असमर्थता होती है. लैक्टोज दूध और दूध से बने उत्पादों में पाया जाने वाला प्राकृतिक शुगर है. जब किसी को दूध हजम नहीं हो पाता है तो उसे लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है. इससे एलर्जी की समस्या के साथ-साथ पाचन से जुड़ी समस्याएं भी होती हैं.

myUpchar से  जुड़ीं एम्स की डॉ. वीके राजलक्ष्मी का कहना है कि दूध से एलर्जी दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन के प्रति प्रतिक्रिया होती है. शरीर का इम्यून सिस्टम दूध के प्रोटीन से प्रभावित होता है और कई तरह के लक्षणों को दिखाता है जैसे दस्त, पेट दर्द, चकत्ते आदि. दूध से अगर बच्चे को एलर्जी है तो इसका प्राथमिक उपचार है दूध या इससे बने उत्पादन का सेवन न करना. आमतौर पर यह एलर्जी खुद ही समय के साथ खत्म हो जाती है. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है माता-पिता बच्चों की इस बात को समझें कि उन्हें दूध से एलर्जी है. इसके लिए सही तरीके से इसके संकेतों को समझने की जरूरत है.

खास बात यह है कि हर बच्चे के लिए दूध से एलर्जी के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं. ये दूध या इससे जुड़े उत्पाद खाने या पीने के कुछ मिनट या घंटे बाद दिखाई देते हैं. उल्टी आना, होंठ, जीभ या गले में सूजन, खांसी या सांस फूलना, पित्ती, घरघराहट महसूस हो या फिर होंठ या मुंह के आसपास खुजली होने लगे. अन्य लक्षणों में पेट में ऐंठन, आंखों में पानी, नाक बहना, निगलने में परेशानी, दस्त जिसमें खून भी हो सकता है, सिर दर्द, घुटन आदि शामिल होते हैं. जिन बच्चों को एक्जिमा होता है, उन्हें एलर्जी की आशंका ज्यादा होती है. इसमें पारिवारिक इतिहास भी महत्वपूर्ण है. यदि माता-पिता को किसी भोजन से जुड़ी एलर्जी है तो बच्चों को भी जोखिम ज्यादा होता है.बेहतर है कि इसके बचाव के लिए उपाय अपनाएं. सबसे सरल उपाय है कि दूध और इससे बनी चीजें जैसे घी, छाछ, मक्खन, पनीर, चीज़, क्रीम, कस्टर्ड आदि के सेवन से बचें. रहित विकल्प तलाशें जिसमें पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन हो, जो आमतौर पर दूध से मिलते हैं.

दूध की एलर्जी से कुछ प्राकृतिक उपाय भी अपना सकते हैं. दूध से होने वाली एलर्जी के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपचार हल्दी है. इसमें एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो एलर्जी के लक्षणों से छुटकारा दिलाते हैं. शहद का इस्तेमाल भी दूध से एलर्जी के इलाज के लिए किया जा सकता है. गाजर का रस भी अनार और चुकंदर के रस के साथ इस्तेमाल किया जाता है. ये दूध के प्रति शरीर की सहनशक्ति में बढ़ोतरी करते हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, दूध से एलर्जी क्या है, कारण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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