पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर बताई अपनी अंतिम इच्छा और दुनिया छोड़ गई 14 साल की आंचल | sambhal – News in Hindi

33
सुनील कुमार

संभल. स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) से एक दिन पहले खुद को गोली मारकर सुसाइड (Suicide) करने वाली छात्रा आंचल गिरि (Anchal Giri) का लंबा सुसाइड नोट (Suicide Note) सामने आया है. इस सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी मौत के लिए सिर्फ खुद को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से भी कई मामलों पर कार्रवाई की मांग की है. गुन्नौर थाना के कस्बा बबराला में 14 साल की छात्रा आंचल गिरि ने अपने घर में तमंचे से गोली मारकर सुसाइड कर लिया था. पुलिस ने पहले मामला संदिग्ध बताया था. सुसाइड नोट के सामने आने के बाद अब इसे आत्‍महत्‍या करार दिया है.

सुसाइड नोट में मौत के लिए बताया खुद को जिम्मेदार: सीओ
सीओ गुन्नौर, केके सरोज ने बताया कि 14 अगस्त को रात 10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आंचल गिरि नाम की एक लड़की है, जिसने आत्महत्या कर ली है. मौके पर पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ जांच की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. पोस्टमॉर्टम में भी सुसाइड का ही अंदेशा लगा. इसके कुछ दिन बाद आंचल का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए सिर्फ खुद को जिम्मेदार ठहराया है और लिखा है कि उसके परिवारवालों को परेशान न किया जाए.छोटी सी उम्र में सुसाइड कर दुनिया छोड़ जाने वाली आंचल ने इस सुसाइड नोट के माध्यम से पीएम मोदी से क्या कहा है? देखें इस रिपोर्ट में…

मेरा नाम आंचल गोस्वामी है. मुझे यह दुनिया पसंद नहीं है, क्योंकि यहां पर लोग झगड़े करते हैं. मां-बाप को वृद्धाश्रम भेज देते हैं. उनके साथ गाली-गलौज मारपीट करते हैं. लोग पेड़-पौधे अपने हितों के लिए काटते हैं. वह जानवरों पर अत्याचार करते हैं. जो लोग मांसाहार का सेवन करते हैं ऐसे लोग मुझे बुरे लगते हैं. नफरत है ऐसे लोगों से जो अपने राष्ट्रगान पर खड़े होने से कतराते हैं. देश-विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं. ऐसे लोगों को देश से निकाल देना जरूरी है.

मां से मांगी माफी…

आंचल ने लिखा कि प्रधानमंत्री आपको नमन है. मैं आत्महत्या अपनी इच्छा से कर रही हूं. इसका कोई भी जिम्मेदार नहीं है, न कोई घर वाला न कोई बाहर वाला. मम्मी से माफी मांगना चाहती हूं. मम्मी पता नहीं मुझे क्या हो गया है. ऐसा लगता है कि कोई मुझे जीते हुए नहीं देखना चाहता. मैं मजबूर हूं, मेरे दिमाग ने क्या बना दिया, नर्क कर दी है मेरी जिंदगी. हां यह शरीर सिर्फ कपड़ा है जो कमजोर था…अलविदा.

आंचल गिरि का सुसाइड नोट

पीएम मोदी की तारीफ

आंचल ने सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए लिखा है कि देश में कई पीएम हुए पर माननीय प्रधानमंत्री जी आप जैसा कोई नहीं. मेरे हृदय में आपके लिए अत्यधिक सम्मान है, काश मैं अपनी उम्र आपको दे पाती. आपमें संस्कार कूट-कूट कर निवास करते हैं. यह देश वर्षों से अंधेरे में था और आप पहले सूर्य बनकर उभरे हैं. प्रधानमंत्री जी मैं आपसे पर्सनल मीटिंग करना चाहती थी, परंतु यह असंभव है, क्योंकि आप खुद को ही समय नहीं दे पाते हो. निरंतर देश की सेवा में लगे रहते हो. श्रीराम मंदिर का शिलान्यास पर उसने लिखा कि बरसों से अधूरे पड़े कार्यों को आपने पूर्ण किया, जय श्रीराम.

उसने लिखा है कि परिस्थितियां बड़ी अनमोल होती हैं, क्योंकि कभी हमें पार लगा देती हैं तो कभी डुबो देती हैं. मैं निराकार अर्थात शिव के निष्काल रूप से प्रार्थना करती हूं कि भारत को मजबूत बनाएं, अमर बनाएं. भारत तो औषधि का देश है, पर अब प्रदूषित हवा हर जगह फैल रही है. प्रधानमंत्री जी क्या आप मेरी इच्छाओं को पूर्ण कर सकेंगे.

कूड़े की समस्या को लेकर सुझाव

प्रधानमंत्री जी आप जानते हैं कि चीन भारत को खिलौने आदि प्लास्टिक का सामान भेजता है. वह खिलौने महीने तो दूर कुछ ही दिन चलते हैं और वह कूड़ा भारत की जमीन को और जहरीला बना देता है. लोग सड़कों पर कूड़ा फैलाते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाए और उन्हें डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएं. छोटी नदियों के आधा किलोमीटर तथा बड़ी नदियों के एक किलोमीटर तक वृक्षारोपण करवाएं, इससे बहुत अधिक फायदा होगा. आप वाटर हार्वेस्टिंग पर भी जोर दें.

वृक्षारोपण कराएं

आंचल ने लिखा है कि दीपावली पर पटाखे पर प्रतिबंध लगा दीजिए. सिर्फ फुलझड़ी का उपायोग करने की इजाजत हो. बिजली की लाइट झालर की जगह माटी के दिया और मोमबत्ती पर जोर दें. होली पर केमिकल वाले रंगों का उपयोग कम करवाएं. जैसे हम अपने मस्तक पर टीका लगाते हैं सिर्फ उसी भाग पर रंग लगाया जाएं. बरगद के पेड़ अधिक लगवायें और सड़क के रास्ते पर आम और लीची के पौधे लगवाएं. किसी का पेट भी भरेगा और पेड़ छांव भी प्रदान करेगा. कुछ लोगों के पास सौ डेढ़ सौ बीघा जमीन है. उनसे आधी जमीन लेकर पेड़-पौधे लगाये जाएं. आप सोलर पैनल योजना बनायें. जिस घर में जितनी बिजली की खपत हो उसी के हिसाब से छतों पर पैनल लगायें. इससे बिजली की समस्या का समाधान होगा क्योंकि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नहीं पहुंच पाती है.

दो से अधिक बच्चों पर सख्त कानून लाएं

प्रधानमंत्री जी भारत की आबादी 135 करोड़ हो चुकी है. वह दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इससे संसाधन की पूर्ति करना असंभव हो जायेगा, इसलिए दो से अधिक बच्चे होने पर सख्त से सख्त कानून बनाएं तथा ऐसे लोगों को जेल भेजने के साथ ही रुपया भी वसूला जाए. इससे सभी प्रकार का प्रदूषण कम होगा. प्रधानमंत्री जी कई बार डाक्टर दवाओं पर अधिक पैसे लेते हैं. ऐसे डाक्टरों पर कार्रवाई होनी चाहिए. आम आदमी या मरीज का उत्पीड़न होता है. इस विषय में सहायता के लिए आप हॉस्पिटल में एक पोस्टर लगवाएं. किसी का उत्पीड़न हो या ज्यादा पैसा वसूला जाये तो शिकायत कर सके.

इस मंदिर का भव्य निर्माण कराने का आग्रह

निराकार शिव का निष्काम रूप शिव भगवान के 101 गणों की पूजा-अर्चना के लिए ग्राम सैंजना एहरान में दुर्गा गिरि अंश के गोस्वामी गुरु होते हैं. कृपया आप उस मठ का भव्य मंदिर निर्माण करवा दें. जब हम गांव में प्रवेश करते हैं तो वहां मांसाहार का होटल है कृपया उसे उस जगह से हटवा दें. मठ को बड़ा बनवा देना, सुंदर. यह मेरी आखिरी इच्छा है.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here