पीएम पर जुबानी हमला करते-करते ये क्या कह गए संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य योगेन्द्र यादव, होने लगी आलोचना

74

मेरठ में संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने पीएम मोदी के लिए गलत शब्द का इस्तेमाल किया.

मेरठ (Meerut) में किसान गोष्ठी में हिस्सा लेने पहुंचे किसान मोर्चा कोर कमेटी के सदस्य योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) ने पीएम नरेंद्र मोदा पर जमकर हमला किया. इसी क्रम में योगेंद्र यादव (Yogendra yadav ) ने पीएम के लिए तू शब्द का इस्तेमाल किया.

मेरठ. मेरठ (Meerut) के निलोहा में किसान गोष्ठी में हिस्सा लेने पहुंचे किसान मोर्चा कोर कमेटी के सदस्य योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) ने पीएम पर जमकर शब्दों के वाण छोड़े. लेकिन, इस दौरान यादव भाषा की मर्यादा भूल गए. पीएम पर ज़ुबानी हमला करते हुए योगेन्द्र यादव ने तू शब्द का इस्तेमाल किया. योगन्द्र यादव ने कहा कि पीएम लगातार कह रहे हैं कि एमएसपी थी एमएसपी है और एमएसपी रहेगी. उन्होंने कहा कि छोटा झूठ बोलते वक्त साधारण इंसान की ज़ुबान फिसलती है. लेकिन दूसरा झूठ बोलने वाला मदारी होता है वो सबसे खतरनाक होता है.

यादव ने कहा कि जो आंख में आंख डालकर झूठ बोलता है वो दुनिया का सबसे खतरनाक आदमी होता है. उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री झूठ बोलते हैं कि एमएसपी थी, है और रहेगी. पीएम पर शब्दों के वाण चलाते हुए योगेन्द्र ने कहा कि अरे भलेमानस तू किसी मंडी में जाके देख ले. मेरे साथ चल किसी मंडी में जाके देख ले. न कोई मतलब नहीं. ये इस देश को सत्यानाश करने की कोशिश है.

Mahashivratri 2021: 130 साल बाद महाशिवरात्रि पर बन रहा है विशेष संयोग, ये काम करने से मिलेगा लाभ

योगन्द्र यादव ने कहा कि कृषि कानून ऑफिशियली मूर्छित हैं. अब बस डेथ सर्टिफिकेट आना बाकी रह गया है. उन्होंने कहा कि वो बारह तेरह मार्च को पश्चिम बंगाल और चौदह को असम में रहकर लोगों से अपील करेंगे कि वो बीजेपी को सजा दें. ये पूछे जाने पर कि अगर सरकार उनकी बात मानती है तो वो क्या कहेंगे. योगेन्द्र यादव ने कहा कि कल को हमारी बात मानी जाती है एमएसपी दे देती है तो हम सरकार को धन्यवाद देंगे और सलाम करने को तैयार हैं. निलोहा में आयोजित किसान विचार गोष्ठी के संबोधन करने के बाद प्रेसवार्ता में मोर्चा के कोर कमेटी सदस्य योगेंद्र यादव ने कहा कि किसान आंदोलन से तीनों कृषि कानूनों पर फिलहाल रोक लग गई हैं. लेकिन इन कानूनों पर डेथ सर्टिफिकेट देने की बजाए प्रधानमंत्री इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़े हुए हैं.योगेंद्र यादव ने कहा कि 100 दिनों के किसान आंदोलन में तीन बड़ी उपलब्धियां भी जुड़ गईं हैं. किसान के आत्मसम्मान को लौटाया तो किसान एकता को पुन: स्थापित भी किया. वहीं नेता वर्ग को किसान की हैसियत भी समझ आ गई. अब मंडियों में फसल की एमएसपी दिलाओ अभियान की शुरुआत कर्नाटक से हो चुकी है. वहीं, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में फसलों की एमएसपी पर खरीद नहीं होती थी, लेकिन वह चुप रहती थीं, लेकिन भाजपा सरकार एमएसपी पर फसल खरीदने की बजाए झूठ बोलती है.






Source link