नाबालिग बच्चे के साथ अश्लील तस्वीरें शेयर करना मां को पड़ा भारी – Mother suffered for sharing obscene pictures with minor child

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highlights

  • महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने इन रील्स पर आपत्ति जताई
  • महिला आयोग ने महिला और बच्चे के वीडियो को अश्लील बताया है
  • अश्लील फोटो व वीडियो साझा करने पर महिला आयोग ने FIR भी दर्ज कराया है

नई दिल्ली:

आजकल रील बनाना ट्रेंड-सा बन गया है. लोग बच्चों के साथ डांस इत्यादि के रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करना खूब पसंद करते हैं. लेकिन इसी बीच एक महिला के रील्स सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं. रील्स में महिला एक छोटे बच्चे के साथ अलग-अलग गानों व डायलॉग्स पर एक्टिंग करते दिख रहे हैं. लेकिन इस पर बहुत से लोगों ने आपत्ति जताई है. जिसके आधार पर दिल्ली महिला आयोग ने इस पर एक्शन लिया है. साथ ही पुलिस को नोटिस भेजकर महिला के खिलाफ FIR दर्ज कराने को भी कहा है.

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क्यों लेना पड़ा दिल्ली महिला आयोग एक्शन?

महिला ने जो रील्स सोशल मीडिया पर साझा किया, उनमें से कई रील्स में महिला व बच्चे के काफी अश्लील दृश्य थे. जिस पर लोगों ने आपत्ति जताना शुरू कर दिया. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने भी इस पर आपत्ति जताई और अपने ट्वीटर के माध्यम अश्लील तस्वीरों को ब्लर करके साझा भी किया. इस ट्वीट में स्वाती मालीवाल ने FIR की सूचना भी लोगों के साथ साझा किया.

महिला द्वारा साझा किये गये रील्स में किसी में महिला अकेले दिखती है, तो किसी में बच्चे के साथ. जिसमें वो बच्चे के साथ दिखती है, उसमें से ज्यादातर रील में दोनों फिल्मों के गानों पर एक्शन्स करते दिखते हैं. बच्चा हीरो के रोल में और महिला हीरोइन के रोल में. इन रील्स में से कुछ में बच्चा डांस की स्टेप करते हुए महिला की कमर को छूता दिखता है, तो किसी में महिला को किस करते नज़र आता है. हालांकि सभी रील्स इस तरह के नहीं हैं, लेकिन कई सारे ऐसे ही हैं. इन्हीं पर लोगों ने विरोध जताया है.

इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज ने 15 जुलाई को ट्वीट किया और आपत्ति भी जताई। इस ट्वीट के साथ दीपिका ने महिला और बच्चे के कई सारे वीडियो पोस्ट किए. साथ ही नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स यानी NCPCR को भी टैग किया. और NCPCR के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो को भी टैग किया.

दीपिका के अलावा बहुत से लोगों ने इस पर आपत्ति जताई. कई लोगों ने तो ये तक सवाल किया कि उन्हें नहीं लगता कि ये दोनों मां और बेटे हैं. तो वहीं कुछ ने इसे बीमार मानसिकता बताया.

क्या लिखा है महिला आयोग के नोटिस में?

इस मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है. साथ ही महिला और बच्चे के वीडियो को अश्लील बताया है. दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस को भेजे नोटिस में लिखा-

“वीडियोज़ में महिला 10-12 साल के बच्चे के साथ प्रोवोकेटिव तरीके से डांस करते दिख रही है, दावा किया जा रहा है कि बच्चा महिला का ही बेटा है. ये वीडियोज़ अश्लील हैं. महिला जो एक्टिविटी वीडियो में करते दिख रही है वो नाबालिग बच्चे के साथ सेक्शुअल एक्टिविटीज़ कही जा सकती हैं. बच्चे को अनुचित तरीके से डांस करवाया जा रहा है, वो महिला को पकड़ रहा है, सेक्शुअल जेस्चर बना रहा है. महिला का जो बर्ताव है वो एक बच्चे के साथ वयस्क व्यक्ति के बर्ताव के मान से सही नहीं है, वो भी बच्चा उसका खुद का बेटा है. महिला की ये हरकतें न केवल बच्चे के मेंटल स्टेटस पर असर डालेंगी, लेकिन उन लोगों पर भी निगेटिव असर डालेंगी जो ये वीडियो देख रहे हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. इन वीडियो में बच्चे को इतनी कम उम्र में सेक्शुअलाइज़्ड किया जा रहा है, उसे अपनी ही मां को ऑब्जेक्टिफाई करते देखा जा रहा है, अगर इस पर अभी ध्यान नहीं दिया तो हो सकता है कि आगे चलकर बच्चा दूसरी औरतों को भी ऑब्जेक्टिफाई करे या क्रिमिनल मेंटलिटी डेवलप हो जाए. इस बात की जांच की ज़रूरत है कि सेक्शुअल अब्यूज़ के दूसरे फॉर्म्स का शिकार तो बच्चा नहीं हो रहा. साफ है कि महिला की हरकतें पॉक्सो एक्ट, IPC और IT एक्ट के तहत अपराध हैं.”

इसके अलावा महिला आयोग ने पुलिस से FIR की कॉपी, CWC की रिपोर्ट जहां बच्चे को पेश किया जाएगा, साथ ही उसके रिहेबिलिटेशन की रिपोर्ट मांगी है. इसके अलावा आयोग ने ये भी कहा है कि इन वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ब्लॉक कराया जाए और इसकी जानकारी दी जाए. इन सभी कार्यवाहियों व जानकारियों को महिला आयोग ने पुलिस को 23 जुलाई तक उपलब्ध कराने को कहा है.



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