दोनों हाथों से एक साथ अलग- अलग भाषाओं में मिरेर इमेज लिख सकती हैं ये बेटी- Meerut News With the two hands this daughter can write Mirror images in different languages NODBK

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मेरठ की बेटी तेजस्वी त्यागी वर्तमान में कक्षा 12 की छात्रा हैं.

मेरठ (Meerut) की बेटी तेजस्वी की इस प्रतिभा को देखकर सभी हैरान रह जाते हैं. तेजस्वी के पिता कुलदीप त्यागी का कहना है कि उसे अपनी बेटी पर नाज़ है.

मेरठ. क्या आप यकीन करेंगे कि कोई दोनों हाथों से अलग- अलग भाषाओं (Languages) में लिख सकता है. आप कहेंगे ये कहां संभव है. एक ही हाथ से लिखना पहाड़ है, लेकिन मेरठ (Meerut) की एक बेटी न सिर्फ दोनों हाथों से अलग- अलग भाषाओं में लिख सकती है बल्कि वो मिरेर इमेज भी अलग अलग भाषाओं में एक साथ फर्राटे से लिख सकती है. मसलन हिंदी और इंग्लिश (English) की राइटिंग वो समान रुप से दाएं हाथ से और बाएं हाथ से एक साथ मिरेर इमेज लिख सकती है. उसकी इस प्रतिभा को देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जाएंगे.

आज के डिजिटल माहौल में अगर हमें आपको एक पन्ना भी पेन कॉपी लेकर लिखना पड़ जाए तो लगता है कि सिस्टम पर बैठकर लिखते तो बेहतर होता. लेकिन आज हम आपको ऐसी बिटिया से मिलवाएंगे जो एक हाथ से नहीं बल्कि दोनों हाथों से अलग- अलग भाषाओं में समान रफ्तार में लिख सकती है. मसलन ये बिटिया एक हाथ से इंग्लिश तो दूसरे हाथ से हिंदी में लिख सकती है. मेरठ की ये बेटी एक हाथ से संस्कृत तो दूसरे हाथ से अंग्रेज़ी या हिन्दी लिख सकती है. और तो और इन भाषाओं की मिरेर इमेज भी ये बिटिया दोनों हाथों से रफ्तार से लिख सकती है. और मिरेर इमेज लिखने के बाद उसे फर्राटे से पढ़ भी सकती है. मेरठ की बेटी तेजस्वी त्यागी वर्तमान में कक्षा 12 की छात्रा हैं. वो बताती हैं कि स्कूल में सब उसे दोनों हाथों से लिखने वाली बिटिया कहते हैं. तेजस्वी का कहना है कि उसे ये गॉड गिफ्ट है कि वो दोनों हाथों से लिख सकती है. वो बताती हैं कि शुरुआत में वो बाएं हाथ से लिखती थीं. लेकिन घर वालों के कहने पर उसने दाहिने हाथ से लिखना शुरु किया. असर ये हुआ कि वो बचपन से ही दोनों हाथों से लिखने का हुनर रखती है.

तेजस्वी त्यागी दोनों हाथों से लिखने वाली बेटी
मेरठ की बेटी तेजस्वी की इस प्रतिभा को देखकर सभी हैरान रह जाते हैं. तेजस्वी के पिता कुलदीप त्यागी का कहना है कि उसे अपनी बेटी पर नाज़ है. क्योंकि अब लोग उन्हें कुलदीप त्यागी के तौर पर कम तेजस्वी के पिता के तौर पर ज्यादा  जानते हैं. कुलदीप बताते हैं कि बिटिया के इस हुनर को की प्लेटफॉर्म्स पर सराहा गया है. उनका कहना है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज ने भी तेजस्वी की इस प्रतिभा का परीक्षण किया है. लेकिन उस रिपोर्ट का अभी उन्हें इंतज़ार है. कुलदीप का कहना है कि उनकी बेटी के अंदर बचपन से ही ये प्रतिभा है. उनका कहना है कि पहले तो वह हैरान थे कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है. उन्होंने डॉक्टर से भी सलाह ली. डॉक्टर ने बताया कि साधारण मनुष्य के दिमाग का एक हिस्सा काम करता है जबकि उनकी बेटी के दिमाग के दोनों हिस्से एक साथ काम करते हैं जिसकी वजह से वह ऐसा कर पाती है.कुलदीप त्यागी तेजस्वी के पिता
कह सकते हैं कि मेरठ की बेटी तेजस्वी त्यागी को ईश्वर का वरदान है. तेजस्वी को देखकर आपको फिल्म 3 इडियट्स का वो सीन भी याद आ जाएघा जब एक प्रोफेसर का किरदार निभा रहे शख्स दोनों हाथों से लिखते हुए नज़र आते हैं. ठीक वैसे ही मेरठ की ये बेटी दोनों हाथों से लिखने की वजह से सुर्खियों में रहती है. तेजस्वी एक साथ दो अलग-अलग भाषाओं में जब उल्टा लिखती है तो ऐसा लगता है कि वह सीधे शब्द ही लिख रही है. लेकिन उसका लिखा शब्द उल्टा होता है. उल्टा लिखने के बाद वो सामान्य शब्दों की तरह सीधा पढ़कर सुनाती है. तेजस्वी त्यागी बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है. उसका सपना है कि डॉक्टर बने और लोगों की मदद करें. कहा जाता है जथा नामे तथा गुणे यानि जैसा नाम वैसा गुण. तेजस्वी अपने नाम के अर्थ को वास्तविक रुप में चरितार्थ कर रही है. ऐसी अनोखे हुनर वाली बेटो को ढेरों शुभकामनाएं.






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