दिल्ली की ‘नाक में दम’, पड़ोसी शहरों में हवा की क्वॉलिटी ‘मध्यम श्रेणी’ दर्ज की गई

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दिल्ली के पड़ोसी शहरों की हवा की गुणवत्ता ’मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई है. (सांकेतिक फोटो)

सीपीसीबी के अनुसार, 24 घंटे का औसत एक्यूआई रविवार शाम 4 बजे गाजियाबाद में 195, ग्रेटर नोएडा में 182, नोएडा में 174, फरीदाबाद में 180 और गुड़गांव में 195 था.

नोएडा. गाजियाबाद (Ghaziabad), नोएडा, (Noida) ग्रेटर नोएडा (Greater Noida), गुड़गांव (Gurgaon) और फरीदाबाद (Faridabad) में हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी की दर्ज की गई. रविवार को एक सरकारी एजेंसी ने जो आंकड़े जारी किए, उससे यह जानकारी सामने आई. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार, दिल्ली के इन पांच पड़ोसी क्षेत्रों की हवा में प्रदूषक पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर काफी अधिक रहा.

सीपीसीबी के ऐप पर एनसीआर की औसत एक्यूआई

सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार, 24 घंटे का औसत एक्यूआई रविवार शाम 4 बजे गाजियाबाद में 195, ग्रेटर नोएडा में 182, नोएडा में 174, फरीदाबाद में 180 और गुड़गांव में 195 था. शनिवार को गाजियाबाद में यह 244, ग्रेटर नोएडा में 229, नोएडा में 167, फरीदाबाद में 145 और गुड़गांव में 217 रहा था.

एक्यूआई में ये हैं मानकउल्लेखनीय है कि शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 और 500 ‘गंभीर’ माना जाता है.

बीते सालों का हाल

बीते कई बरस से दिसंबर में हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की जाती रही है. इन स्थितियों को देखते हुए दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने ऑड-इवेन का फार्मूला भी अपनाया था. इसके अलावा दिल्ली ने अपने पड़ोसी राज्यों से बात की थी कि वहां के किसान अपने खेतों में पराली न जलाएं. पड़ोसी राज्यों ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए अपने राज्य के किसानों को इस बारे में अलर्ट किया था. उन्हें पराली न जलाने को लेकर जागरूक भी किया था और न मानने की हालत में जुर्माने का भी प्रावधान किया था.






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