डॉल्फिन हब बनेगा हस्तिनापुर, दो महीने में होगा सर्वे, पढ़ें वन विभाग का पूरा प्लान– News18 Hindi

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की सत्ता हासिल करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ (Cm Yogi Adityanath) ने कहा था अपराधी या तो अपराध छोड़ देगा या यूपी छोड़ेगा. जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में समझाया जाएगा. नतीजतन प्रदेश में ताबड़तोड़ एनकाउंटर (Encounter) के सिलसिले से बदमाशों में खलबली मच गई. इस कड़ी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठित माफिया सरगना की कमर तोड़ दी गई. सुशील मूंछ, बदन सिंह बद्दो और भूपेंद्र बाफर प्रमुख कुख्यात शामिल हैं. बद्दो के आलीशान बंगले पर जहां बुल्डोजर चलाया गया, वहीं दिल्ली के कुख्यात शिव शक्ति नायडू को भी वेस्ट यूपी के मेरठ में ही मार गिराया गया. मुकीम काला के खात्मे के बाद पश्चिम के व्यापारियों और पुलिस तंत्र ने राहत की सांस ली है.

मार्च 2017 के बाद बीजेपी के सत्ता में आने के बाद यूपी पुलिस ने 8,472 मुठभेड़ें कीं, जिसमें करीब 3,302 कथित अपराधियों को गोली मार कर घायल किया गया. जिससे कई के पैरों में गोलियां लगने से अपराधी लंगड़े हो गए. पुलिस जहां इसे आत्मरक्षा में हुई कार्रवाई बताती है तो आम जनमानस इसे ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ कहता है.

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिमी यूपी के मेरठ इलाके में योगी सरकार में 2,839 एनकाउंटर हुए. वहीं 5,288 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं. मुठभेड़ में 61 अपराधियों की मौत और 1,547 घायलों हो चुके हैं. वेस्ट यूपी के कुख्यात सुशील मूंछ और भूपेंद्र बाफर को भी जेल भेज दिया था. हालांकि सुशील मूंछ जमानत पर रिहा हो चुका है. साथ ही ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की पुलिस कस्टडी से फरारी के बाद उसके बंगले पर बुल्डोजर चलवा दिया गया. उसको शह देकर भगाने वालों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है. कुख्यात उधम सिंह और योगेश भदौड़ा भी जेल से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं.

माफियाओं द्वारा कब्जा की गई करोड़ों की सम्पत्ति भी कब्ज़ामुक्त कराई गई. इसका अंदाज़ा इस बात से लगाइए कि मेरठ और बागपत में एक सौ तीस बीघा ज़मीन कब्ज़ामुक्त हो चुकी है.

पुलिस मुठभेड़ों में घायलों की बड़ी संख्या यह बताती है कि अपराधियों को मारना पुलिस का प्राथमिक मकसद नहीं है. मेरठ के एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि यूपी सरकार की अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है. ड्यूटी पर रहते हुए, अगर कोई अपराधी पुलिस पर गोली चलाता है तो उस पर जवाबी कार्रवाई की जाती है. यह शक्ति पुलिस को कानून से मिली है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में बहुत से पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं और बहुत से पुलिसकर्मियों को चोटें भी लगी हैं.

ढाई लाख के ईनामी बदन सिंह बद्दो पर मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, जैसे समस्त माफिया का सफाया हुआ है, लंबे समय तक कोई नहीं चल पाएगा. आईजी रेंज ने कहा कि संगठित अपराध जैसी स्थितियां रेंज में अब नहीं है. नोएडा के कुख्यात बलराज भाटी को भी एसटीएफ ने मार गिराया था. उसके अलावा मुकीम काला के भाई वसीम काला, शूटर साबिर जंधेड़ी का भी सफाया कर दिया गया.

मुजफ्फरनगर का कुख्यात आदेश बालियान भी मुठभेड़ में मारा गया था. योगेश भदौड़ा गैंग के हिमांशु नरसी को भी मार गिराया. हिमांशु नरसी गाजियाबाद के मोदीनगर का रहने वाला था. योगी सरकार के कार्यकाल में बड़े-बड़े कुख्यातों का खौफनाक अंत हो गया. इस सबके अलावा बड़ी संख्या में बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गए. इनसे जेलें भरी पड़ी हैं.

आम जनमानस का कहना है कि ऑपेरशन एनकाउंटर ने वेस्ट यूपी में अपराध के ग्राफ में भारी कमी आई है. लोगों का कहना है कि पहले आठ बजे के बाद घर से निकलना दूभर था लेकिन साल 2017 के बाद से  दिन-ब-दिन स्थितियां सुधरी हैं और अपराधी ख़ौफ में हैं.

आईजी रेंज प्रवीण कुमार ने कहा कि बदमाशों को किसी भी तरह से पनपने नहीं दिया जाएगा. सबसे ज्यादा मुठभेड़ भी वेस्ट यूपी में हुई हैं. उन्होंने कहा कि किसी को कोई मुगालता नहीं रहना चाहिए. अगर वर्दी पर कोई हाथ डालने की कोशिश करेगा तो आत्मरक्षा में पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी.

वहीं ढाई लाख के ईनामी कुख्यात अपराधी बदन सिंह बद्दो के किले के ध्वस्तीकरण की कवायद आज भी लोग याद करते हैं. जिस पंजाबीपुरा के इलाके में बदन सिंह बद्दो का ख़ौफ हुआ करता था. आज उसी इलाके के लोग योगी सरकार की तारीफ करते नहीं थक रहे. महिलाओं का कहना है कि वो योगी सरकार के ऑपरेशन क्लीन का तहे दिल से  स्वागत करती हैं. उनसे अपील करती हैं कि ऐसे सभी माफियाओं पर शिकंजा कसा जाए. ताकि फिर कोई और अपराधी ऐसे फन न उठा सके. उनके फन को ऐसे ही कुचला जाना चाहिए.

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