जूता कांड से पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी के सियासी सफर पर लगा था ब्रेक, निधन पर पीएम और सीएम ने जताया शोक

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संतकबीरनगर. संतकबीरनगर से पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी के पुत्र शरद त्रिपाठी (Sharad Tripathi) का बुधवार की रात में दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. 2014 के लोकसभा चुनावों में शरद त्रिपाठी ने करीब 98 हजार वोटों से विजय हासिल की थी. 6 मार्च 2019 को संतकबीरनगर में प्रभारी मंत्री के सामने हुए जूता कांड (Shoe Gate) में शरद त्रिपाठी का नाम सुर्खियों में आया था. यही वो दिन था जब उनके और मेंहदावल से बीजेपी विधायक राकेश सिंह बघेल के बीच पत्थर पर नाम लिखे होने को लेकर तू-तू मैं-मैं हुई और इसके बाद जूता कांड हो गया. उस बैठक में प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन और डीएम भी मौजूद थे.

इसके बाद शरद त्रिपाठी के सियासी सफर पर ब्रेक सा लग गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि जूता कांड की पंचायत प्रधानमंत्री मोदी तक गयी थी. जिसके बाद 2019 में उनका टिकट काट दिया गया. पार्टी ने शरद त्रिपाठी का टिकट काटकर उनके पिता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया से लड़ाया जहां से वो जीते और मौजूदा समय में सांसद हैं. इसके बाद से शरद त्रिपाठी सार्वाजनिक कार्यक्रमों में कम नजर आने लगे. शरद त्रिपाठी के करीबी बताते हैं कि जूता कांड की घटना से वो बेहद दुखी थे.

शरद त्रिपाठी के सांसद रहते पीएम मोदी आए थे मगहर

शरद त्रिपाठी के सांसद रहते हुए सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी का मगहर दौरा रहा. 28 जून 2018 को पीएम नरेन्द्र मोदी संतकबीरनगर के मगहर में संत कबीर साहब के महापरिनिर्वाण के 500वें साल व उनके 620वीं जयंती पर मगहर आये थे. इस दौरे के बाद न केवल कबीर स्थली के पर्यटन विकास के निर्माण कार्यों ने जोर पकड़ा बल्कि पीएम मोदी के दौरे से मगहर एक बार फिर से देश दुनिया के नक्शे पर आ गया. शरद त्रिपाठी की ही कोशिशों से पहली बार कोई पीएम मगहर आया था. करीब 18 साल पहले राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी मगहर आये थे.

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख जताया. उन्होंने ट्वीट कर कहा “‘ शरद त्रिपाठी के निधन की खबर ने मुझे और साथ ही कई अन्य लोगों को भी दुखी किया है. उन्हें समाज की सेवा करना और दलितों के लिए काम करना पसंद था. उन्होंने संत कबीर दास जी के आदर्शों को लोकप्रिय बनाने के लिए अद्वितीय प्रयास किए. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना., सीएम योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्रियों ने भी दुख जताया.

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