जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावः BJP का लक्ष्य 65 सीटें, क्या टूटेगा 2015 का रिकॉर्ड!

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पंचायत सदस्यों के चुनाव में झटका खाने के बाद अब बीजेपी उबरने में लगी है. इसी के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ पदाधिकारी भी मैदान में उतरे हैं और कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है. बीजेपी ने 75 जिलों के चुनाव में अपना लक्ष्य 65 सीटों का रखा है. कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी ने 2015 के दौरान हुए चुनावों में 38 सीटों पर निर्विरोध कब्जा किया था, वहीं 36 सीटों पर हुए चुनावों में 23 सीटों पर सपा का कब्जा था. यही कारण है कि इस बार बीजेपी ने भी अपना लक्ष्य 65 प्लस का रखा है.

बीजेपी की धमक

इस बार के जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावों में बीजेपी ने 21 सीटों पर निर्विरोध ही अपनी धमक सुनवा दी है. वहीं एक सीट समाजवादी पार्टी के खेमे में रही. अब बाकि 53 सीटों पर 3 जुलाई को चुनाव होगा. इनमें से अधिकांश सीटों पर समाजवादी पार्टी और बीजेपी की सीधी टक्कर होने जा रही है. बीजेपी का दावा है कि 90 फीसदी सीटों पर उनकी पार्टी ही जीत दर्ज करेगी.

वहीं बीजेपी के महामंत्री और पंचायत चुनाव प्रभारी जेपीएस राठौर ने कहा कि समाजवादी पार्टी को एक बड़ी गलत फहमी रही है कि जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में सपा ने बाजी मार ली है. जबकि छोटी मोटी बातों पर नाराज होकर बीजेपी के ही कार्यकर्ताओं ने पार्टी से अलग जाकर चुनाव लड़ा और वे जीते भी , अब वे एक बार फिर हमारे साथ हैं इसलिए बीजेपी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेगी. वहीं समाजवादी पार्टी का आरोप है कि सरकार प्रशासनिक क्षमता का दुरउपयोग चुनावों के दौरान किया है. वैसे 2015 में सपा पर भी ऐसे ही आरोप लगे थे. लेकिन अब देखना ये है कि क्या बीजेपी 2015 का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी.

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