जानें क्या है आर्ट थेरेपी और कोरोना काल के दौरान क्यों है ट्रेंड में What is art therapy how it help in quarantine during lockdown

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कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. दुनियाभर में कोरोना महामारी की वजह से लोगों का सामान्‍य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसकी वजह से लोग शारीरिक रूप से तो बीमार पड़ हीं रहें हैं मानसिक रूप से भी यह लोगों को बीमार बना रहा है. डर और अकेलेपन में जी रहे लोग डिप्रेशन (Depression) और एंग्‍जाइटी (Anxiety) के शिकार हो रहें हैं. इन सब के बीच आर्ट थेरेपी (Art Therapy) लोगों को राहत पहुचाने में बहुत काम आ रही है. आर्ट थेरेपी यानी कि ड्रॉइंग और पेंटिंग की मदद से लोग अपना अकेलापन दूर कर रहे हैं.

क्‍या है आर्ट थेरेपी

जब इंसान डिप्रेशन में रहता है और वह अपनी बातों को अच्छे से एक्सप्रेस नहीं कर पाता तो ऐसे में वह अपनी भावनाओं को आर्ट के जरिए व्यक्त कर पाता है. कला के माध्‍यम से भावनाओं की अभिव्यक्ति को ही आर्ट थेरेपी कहते हैं. इस थेरेपी में पेंटिंग, स्केचिंग, कोलाज मेकिंग, कलरिंग, मूर्ति कला ये सभी आते हैं इनके जरिए इंसान अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त कर सकता है. मानसिक स्वास्थ्य और शोषण का शिकार हो चुके लोगों के उपचार के लिए यह थेरेपी काफी कारगर साबित हुई है.

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भारत में हर सात में एक मेंटली डिसऑर्डर का शिकार

दैनिक भास्‍कर की एक खबर के मुताबिक, 7 में से 1 भारतीय मेंटल डिसऑर्डर का शिकार है जिनमें सबसे ज्यादा मामले एंग्जाइटी और डिप्रेशन के हैं. देश में मेंटल डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों की संख्या लगभग 20 करोड़ है जो देश की आबादी का 14.3% है. इनमें से 4.6 करोड़ लोग डिप्रेशन और 4.5 करोड़ लोग एंग्जाइटी के शिकार हैं.

आर्ट थेरेपी के क्‍या हैं फायदे

1.स्‍ट्रेस करे कम

अगर आप लगातार एंग्जाइटी महसूस कर रहे हों तो एक पेंसिल और पेपर लेकर ड्राइंग करने बैठ जाइए और खुद को क्रिएटिव काम में इंगेज कर लीजिए. आप खुद को बेहतर महसूस करेंगे. आपको बता दें कि 2007, 2016 और 2018 में की गई स्टडीज में यह पाया गया था कि मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को न केवल इस थेरेपी से आराम मिला बल्कि 22% पीड़ित पूरी तरह से ठीक भी हुए.

2.मानसिक सक्षमता के लिए जरूरी

ड्राइंग आपके माइंडफुलनेस यानी कि मानसिक सक्षमता को बढ़ाता है. जब आप आर्ट थेरेपी की तरफ कदम बढाते हैं तो आप अधिक खुश महसूस करते हैं. आपकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ जाती है और मेंटल प्रॉब्‍लम का रिस्क 50% घट जाता है.

3.अनचाही चीजों से रखता है दूर

एंग्जाइटी आमतौर पर अफवाहों और नेगेटिव बातों को सुनने से बढ़ती है. जब आप आर्ट में खुद को बिजी कर लेते हैं तो आप मानसिक तौर पर इन निगेटिव बातों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर लेते हैं. 2016 में अमेरिका में हुई एक स्टडी में पाया गया कि जब आप ड्राइंग करते हैं तो यह हमेशा आपको शांति देती है जो एंग्जाइटी को दूर करने का एक मात्र उपाय है.

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4.फोकस बढ़ता है

आर्ट थेरेपी लोगों को फोकस्ड रखने के काम आती है. आप जब एंग्‍जाइटी में रहते है तो आप किसी भी चीज पर फोकस नहीं कर पाते, जबकि आर्ट आपके फोकस को दुबारा लाने में आपकी मदद करता है. यही नहीं, यह आपके अंदर से निगेटिविटी को दूर रखता है, पेशेंस बढ़ाता है और डिस्‍ट्रैक्‍शन कम करता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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