जानिए, कोरोना काल में यूपी पुलिस ने चालान से वसूली कितनी रकम?

15

बुलंदशहर: मास्क नहीं लगाने वाले पुलिसकर्मियों का चालान काटतीं इस्पेक्टर (File Photo)

Lucknow News: यूपी में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से लेकर मास्क न लगाने, कार में तय लोगों से ज्यादा लोगों को बिठाने, सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटने, पाबंदी के बावजूद दुकान खोलने जैसे मामलों में जुर्माना वसूला जा रहा है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पिछले साल 2020 के मार्च महीने के आखिरी हफ्ते में लॉकडाउन (Lockdown) की शुरुआत हुई थी. कुछ समय बाद हालात सुधरने पर लॉकडाउन खत्म हुआ और स्थितियां सामान्य हुईं लेकिन तमाम पाबंदियां जारी रही. इस दौरान पाबंदियों के उल्लंघन पर यूपी पुलिस (UP Police) ताबड़तोड़ चालान (Challan) काटती रही. अब कोरोना की सेकंड वेव के दौरान भी लॉक डाउन को लागू करवाने के लिए यूपी पुलिस की ओर से चालान काटना जारी है. यूपी पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर 53 लाख 67 हजार 238 चालान किए गए हैं और इन चालानों से 85 करोड़ 57 लाख 17 हज़ार 229 रुपये वसूले गए हैं. सख्ती के साथ चालान कटना जारी पिछले साल जब कोरोना की पहली वेव के समय लॉकडाउन लगा था, तो बाइक पर दो सवारी, कार में तीन सवारी को महामारी एक्ट के उल्लंघन के तहत जुर्माने का जिम्मेदार माना गया था. लिहाजा पहली वेव में काफी सख्ती के साथ लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए चालान किए गए और जुर्माना वसूला गया. अब कोरोना की दूसरी वेव के दौरान भी लॉकडाउन को सख्ती से पालन करवाने के दौरान चालान किए जा रहे हैं और जुर्माना वसूला जा रहा है.इन मामलों में काटे जा रहे चालान सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से लेकर मास्क न लगाने, कार में तय लोगों से ज्यादा लोगों को बिठाने, सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटने, पाबंदी के बावजूद दुकान खोलने जैसे मामलों में जुर्माना वसूला जा रहा है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए तमाम पाबंदियों को सख्ती से लगाया गया है और प्रावधानों को न मानने वाले लोगों का चालान काट कर उनसे जुर्माना वसूला गया है, जिसे सरकार के कोषागार में जमा कराया जाता है.







Source link