क्या आपको भी दिन भर आती है नींद? हो सकते हैं स्लीपिंग डिसऑर्डर के शिकार | health – News in Hindi

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अगर आप किसी कारण कल रात में बहुत कम सो पाये हैं तो आपको दिन में नींद(Sleep)आनी स्वाभाविक है. इसीलिए कहा जाता है कि आदमी को अपनी 7-8 घंटे की नींद रोज पूरी करनी चाहिए. क्योंकि भरपूर नींद न लेना स्वास्थ्य (Health)के लिए नुकसानदायक हो सकता है. लेकिन बहुत सारे लोगो को हमेशा नींद आती रहती हैं. ऐसे लोग स्लीपिंग डिसऑर्डर (sleep disorder)का शिकार हो सकते हैं. अगर आपको भी कुछ इसी तरह की समस्या हो तो हम आपको इसके कारण और उपचार (Treatment) के बारे में बता रहे हैं…

हमेशा नींद क्यों आती है?
www.mensxp.com की खबर के अनुसार कम नींद आने की समस्या को अनिद्रा / इंसोम्निया (Insomnia) कहते हैं. मगर जब ज्यादा नींद आने लगती है तो उसे हाइपरसोमनिया (Hypersomnia) कहते हैं. यह नींद से जुड़ा एक कॉमन डिसऑर्डर है. नेचर कम्युनिकेशंस (Nature Communications) की 2019 की स्टडी में पता चला है कि करीब 20 प्रतिशत यंगस्टर्स पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं. इसकी वजह से उनमें ये डिसऑर्डर देखने को मिलता है.

अनिद्रा या इंसोम्निया भी अधिक नींद का कारण हो सकता है. इसके अलावा अधिक नींद आने के लिए ये कारण जिम्मेदार हो सकते हैं.जैसे…

– पर्याप्त नींद न लेना
– दवा, शराब या सिगरेट का उपयोग
– फिजिकल एक्टिविटी में कमी
– डिप्रेशन
– दिनभर सुस्ती रहना
– फिजिकल एक्टिविटी में कमी

– लेग सिंड्रोम
– स्लीप एपनिया
– नार्कोलेप्सी

अधिक नींद आने के लक्षण
– आपको सुबह जागने में परेशानी होती है.
– जागने के बाद भी अक्सर नींद आती है.
– आपकी नींद नहीं खुलती.
– दिन में काम करते समय भी झपकी आती है.
– दिन में काम करते समय थकान होती है.
– किसी भी चीज पर फोकस नहीं कर पाते हैं.
– दिन में बार-बार झपकी आती है.
– हमेशा सुस्ती बनी रहती है.
– पहले की अपेक्षा फिजिकल एक्टिविटी में कमी हो गई है.
– हमेशा चिड़चिड़ापन बना रहता है.

यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण है तो संभव है आप भी अधिक नींद आने की समस्या या हाइपरसोमनिया डिसऑर्डर से पीड़ित हैं. इसके लिए आप डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं.

अधिक नींद से ऐसे करें खुद का बचाव
हाइपरसोमनिया डिसऑर्डर से बचने के पर्याप्त नींद लेना जरूरी है. अगर आप पर्याप्त और गहरी नींद लेते हैं तो आप इस समस्या से बच सकते हैं.

1. पॉलीसोम्नोग्राफी टेस्ट : इस टेस्ट से व्यक्ति के मस्तिष्क की तरंगों, ऑक्सीजन के लेवल और नींद के दौरान शरीर के मूवमेंट और स्लीप साइकिल को रिकॉर्ड किया जा सकता है. इससे कोई भी अपनी नींद की क्वालिटी (Quality of sleep) पता कर सकता है. यदि आपको भी अधिक नींद की समस्या है तो ये टेस्ट करवाकर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं.

2.हेल्दी और बैलेंस डाइट लें : रात में हल्का खाना खाएं ताकि आप गहरी नींद ले सकें और अगले दिन फ्रेश उठें. दिन में हेल्थ खाना खाएं.

3.सोते समय हल्के कपड़े पहनें : सोते समय आपको हल्के कपड़े पहनने चाहिए. इससे आपको नींद अच्छी आएगी और अगले दिन आपको थकान और सुस्ती नहीं रहेगी.

नेशनल स्लीप फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक अच्छी नींद से आपकी मेंटल पावर और अलर्टनेस बढ़ती है. साथ ही हेल्थ इश्यूज भी कम होते हैं. इसलिए कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें. इससे आपको हाइपरसोमनिया जैसे डिसऑर्डर से नहीं जूझना पड़ेगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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