कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने से पहले गर्भधारण, जानिए क्‍या हो सकते हैं खतरे

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नई दिल्ली. केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक मई से 18 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों के लिए कोरोना का वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया है. इस आयुवर्ग को रिप्रोडक्टिव एज ग्रुप (Reproductive age group) या प्रजनन आयु समूह भी माना जाता है.  इस समूह के अधिकांश लोगों का विवाह हो गया है, विवाह होने वाला है या फिर वह परिवार को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं इसलिए इस समूह में वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियां भी ज्‍यादा हैं.

लोगों का सोचना है कि वैक्सीन बांझपन (Infertility) या नपुंसकता की वजह बन सकती है. केवल महिलाओं में ही नहीं, पुरुषों में इस बात की शंका है कि वैक्सीन भविष्य में पिता बनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है. इसके अलावा सरकार की ओर से वैक्‍सीनेशन पूरा होने के बाद गर्भधारण करने की सलाह दी गई है जबकि वैक्‍सीन की पहली डोज के बाद ही प्रेग्‍नेंसी के मामले भी सामने आ रहे हैं. लिहाजा इसे लेकर भी लोगों में चिंता है.

हालांकि वैक्‍सीन से प्रजनन क्षमता और बीच में ही गर्भधारण (Pregnancy) के अलावा कई मुद्दों पर सफदरजंग अस्पताल की नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ कोविड 19 नोडल अधिकारी और महिला एवं प्रसूति रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुमित्रा बचानी अहम जानकारी जानकारी दे रही हैं.

क्या कोरोना टीकाकरण से वास्तव में प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है या क्या अन्य किसी भी वैक्सीन से इस तरह का प्रभाव पड़ना संभव है?

यूएसए में भारत से लगभग 16 दिन पहले दिसंबर 2020 से कोविड वैक्सीनेशन शुरू किया गया. वहां इस बाबत एक शोध किया गया, जिसमें महिलाओं को वैक्सीन के बाद होने वाले प्रभावों को देखा गया, शोध में शामिल कई महिलाओं ने टीकाकरण के बाद गर्भधारण किया. इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि वैक्सीन लेने से प्रजनन क्षमता पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ता है. कोविड वैक्सीन ही नहीं किसी भी वैक्सीन के ऐसे प्रभाव नहीं देखे गए, हम सभी को बचपन में कई तरह की बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण किया जाता है, सालों से चल रहे इस टीकाकरण के प्रजनन क्षमता कम करने जैसे प्रभाव नहीं देखे गए.

दरअसल वैक्सीन वायरस के खिलाफ शरीर में रक्षा कवच तैयार करता है, इसका अन्य किसी क्रिया प्रतिक्रिया पर किसी तरह का असर नहीं पड़ता है. कोविड वैक्सीन प्राप्त महिला यदि गर्भधारण करती है तो वह अपने शिशु को एंटीबॉडी दे सकती हैं, जिससे वैक्सीन नवजात को भी संक्रमण से मुक्त रखेगी.

सवाल. क्या परिवार नियोजन के विकल्प (आई पिल्स, कांट्रेसेप्टिव आदि) अपनाते हुए भी कोविड का वैक्सीन लिया जा सकता है?

जवाब. हमारे पास ओपीडी में कई दम्पति इस तरह के सवाल लेकर पहुंच रहे हैं कि हम परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं या अभी परिवार को नहीं बढ़ाना चाहते इसलिए ओरल कांट्रसेप्टिव ले रहे हैं, इस स्थिति में भी कोविड का वैक्सीन ले सकते हैं क्या? इस विषय में दो बातें स्पष्ट रूप से समझ लेना जरूरी है कि यदि आपने वैक्सीन लिया है उसके बाद आप परिवार को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं तो यह न केवल आपको बल्कि गर्भस्थ शिशु को भी संक्रमण से सुरक्षित रखेगा. दूसरा परिवार नियोजन के जो पिल्स लिए जाते हैं उनमें बहुत कम मात्रा में स्टेरॉयड होता है, जिससे गर्भधारण के लिए जरूरी हार्मोन निर्माण रोकने के लिए किया जाता है, इसलिए इन पिल्स में बहुत कम मात्रा में स्टेरॉयड्स होते हैं, जो नुकसानदायक नहीं होते. गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगवाने के लिए हाल ही में सरकार ने गाइडलाइन जारी की है, जिसमें गर्भवती महिलाओं के वैक्सीनेशन संबंधी सभी शंकाओं को दूर किया गया है. उपलब्ध सभी वैक्सीन को गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित पाया गया है.

सवाल. कोविशील्ड की पहली और दूसरी डोज में 84 दिन का अंतराल है, पहली डोज के बाद क्या परिवार को बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं?

जवाब. कोविड संक्रमण के प्रति एक आदर्श स्थिति हासिल करने के लिए दोनों डोज लेने के बाद परिवार को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए. बावजूद इसके यदि जाने अंजाने एक डोज के बाद गर्भधारण कर लिया है तो इस स्थिति में भी निर्धारित समय पर दूसरी डोज ली जा सकती है. इससे भी गर्भस्थ शिशु को संक्रमण के प्रति रक्षा कवच तैयार करने में मदद मिलेगी. वहीं अगर आप जागरूक दम्पति है और योजना बनाकर परिवार बढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं तो एक आदर्श स्थिति यही है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद ही गर्भधारण पर विचार करें. इससे मां और शिशु को अधिक बेहतर एंटीबॉडी प्राप्त होगी. यदि कोवैक्सिन ले रहे हैं तो 28 दिन के बाद दूसरी डोज ली जा सकती है, और इस अंतराल के बाद परिवार बढ़ाने के बारे में सोचा जा सकता है.

सवाल. पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम) या यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) की समस्या है उस स्थिति में वैक्सीन कब लेना चाहिए?

जवाब. हाइपरटेंशन, डायबिटीज या दिल की किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत वैक्सीन लेना चाहिए. इन महिलाओं को कोविड संक्रमण होने पर कोविड की गंभीर अवस्था होने का खतरा बना रहता है. इसी तरह पीसीओएस और यूटीआई होने पर भी महिलाओं को वैक्सीन लेना चाहिए यदि उनकी बीमारी नियंत्रित है तो वह बिना किसी खतरे के वैक्सीन ले सकती हैं. केवल कुछ ऐसे मामलों में जबकि मरीज किसी तरह की गंभीर एलर्जी का शिकार है, या उसे इम्यूनो सप्रेंट दवाएं दी जा रही हैं, या जिन्हें यूटीआई की वजह से बुखार या अन्य किसी तरह का त्वचा संक्रमण है ऐसी स्थिति में अपने चिकित्सक से सलाह लेने के बाद ही वैक्सीन लगवाएं.

सवाल. क्या माहवारी या पीरियड में भी वैक्सीन लिया जा सकता है?

जवाब. बिल्कुल लिया जा सकता है, इससे संबंधित किसी तरह का मन में भ्रम नहीं होना चाहिए, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है. महिलाएं माहवारी में भी वैक्सीन ले सकती हैं.

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