कृषि महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ

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भास्कर न्यूज़
लखनऊ। राजधानी के बख्शी का तालाब स्थित चंद्र भानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं क्लीन एंड ग्रीन एनवायरमेंट सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्रारंभ हुआ।

कार्यशाला का आयोजन प्रारंभ हुआ दो दिवसीय कार्यशाला के मुख्य अतिथि भारतीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ एस के बारिक ने बताया कि परंपरागत फसलों से किसानों की आय स्थिर बनी हुई हैं फूलों की खेती से किसानों की आय 5 गुना बढ़ सकती है। उन्होंने किसानों को गुलाब, जरबेरा, जैस्मिन एवं गेंदा की खेती की तकनीकी जानकारी दी।

डॉ बारिक ने बताया कि किसानों को यह जानकारी नहीं है कि फूलों की खेती से कितनी आय हो सकती हैं इसमे किसानो को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए बताया कि कृषि शिक्षा स्कूलों से नहीं खेतों से शुरू होनी चाहिए और किसानों को कृषि विद्यालय एवं संस्थानों द्वारा तकनीकी जानकारी मुहैया कराना पहला उद्देश्य होना चाहिए। ग्रीन एंड क्लीन एनवायरमेंटल सोसायटी के फाउंडर प्रेसिडेंट डॉ एस सी शर्मा ने फूलों की खेती के महत्व पर चर्चा की।

डॉ दयाशंकर ने ग्लेडियोलस की खेती पर चर्चा की और बताया कि इससे किसान अधिक लाभ ले सकते हैं। भारतीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अरविंद जैन ने गुलदाउदी की प्रमुख प्रजातियों की चर्चा की और बताया कि इससे किसान लाभान्वित हो सकते हैं।

चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ तेज प्रकाश सिंह ने बताया कि फूलों की खेती आय का अच्छा साधन है किसानों को इसकी खेती करनी चाहिए। कृषि महाविद्यालय निदेशक प्रो योगेश कुमार शर्मा एवं प्राचार्य प्रो गजेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय दोगुना करना है।

इस कार्य मे महाविद्यालय अपना पूरा योगदान दे रहा है। चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कार्यशाला का समापन 9 अक्टूबर को होगा जिसमें पोस्टर प्रतियोगिता भी
होगी और पोस्टर प्रतियोगिता में सफल अभ्यर्थियों को प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार दिया जाएगा।

कार्यशाला का आयोजन उद्यान विभाग के द्वारा किया गया जिसमें जसकरन सिंह, डॉ लल्लन डॉ दीप्ति श्रीवास्तव, डॉ एस पी सिंह , प्रशासनिक अधिकारी मंगल चौरसिया, समन्वयक अधिकारी डीपी सिंह लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ के वनस्पति विज्ञान विभाग के आचार्य प्रो एस एन पांडे, डॉ केडी सिंह,मनोज कुमार सिंह,सतीश चंद्र पांडे, डॉ योगेंद्र कुमार सिंह, दुर्गेश कुमार सिंह, डॉ हृदय नारायण तिवारी सहित सभी शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया।