आगरा जामा मस्जिद में टूटे कोरोना गाइडलाइन के नियम

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आगरा: जुमे पर दिखी भारी भीड़, फॉलो नहीं किए कोविड नियम.

कोरोना गाइडलान का पालन करते  हुए शहर के धार्मिक स्थलों में गिनती के लोगों को ही धार्मिक कार्यों की इजाजत थी, लेकिन नए आदेश के बाद कोरोना के पहले जैसी ही भीड़ उमड़ पड़ी. शुक्रवार को मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी नमाज पढऩे आए. भीड़ देखकर प्रशसन हैरान दिखा.

आगरा. कोरोना लॉकडाउन लगने के 1 साल के बाद आगरा ( Agra ) जिला प्रशासन ने सभी धार्मिक स्थल खोलने के आदेश दे दिए हैं. मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे में भीड़ नजर आने लगी है. कोरोना गाइडलान (Corona Guideline ) का पालन करते  हुए शहर के धार्मिक स्थलों में गिनती के लोगों को ही धार्मिक कार्यों की इजाजत थी, लेकिन नए आदेश के बाद कोरोना के पहले जैसी ही भीड़ उमड़ पड़ी. शुक्रवार को जामा मस्जिद (Jama Masjid) में बड़ी संख्या में नमाजी नमाज पढऩे आए. भीड़ देखकर प्रशसन हैरान दिखा.

जिला प्रशासन ने कोरोना से बचाव के लिए धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से सोशल डिस्टेन्स बनाए रखने की बात कही थी. यह स्पष्ट कहा था कि 2 गज की दूरी, मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था का पालन हर हाल में होना  चाहिए. प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक इन तीनों शर्तों के उल्लंघन पर प्रबंधन को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा.

शुक्रवार को जुमे की नमाज के वक्त न्यूज़ 18 की टीम जब जामा मस्जिद पहुंची तो वहां 99 फीसदी लोग बिना मास्क के नमाज पढ़ रहे थे. इसमें बच्चे भी शामिल थे. 2 गज की दूरी के नियम को तार-तार कर दिया गया था. लोग एक दूसरे के बेहद नजदीक खड़े होकर नमाज अदा कर रहे थे. मस्जिद के मुख्य द्वार पर सैनिटाइजर की कोई व्यवस्था नहीं थी. प्रशासन की जो तीनों शर्तें थी उनका पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा था.

आगरा में मिला था पहला कोरोना मरीजआगरा वह शहर है जहां उत्तर प्रदेश का पहला मरीज मिला था और उसके बाद शहर में कोरोना मरीजों की भरमार हो गई थी. यही कारण है कि जहां प्रदेश के अन्य जिलों में बहुत पहले ही धार्मिक स्थल खोल दिए गए थे. वहीं, आगरा में लगभग 1 साल के बाद अब जाकर के धार्मिक स्थल खोलने के आदेश हुए हैं. इसके  बावजूद धर्म स्थलों पर जैसे नियम कानून का पालन होना चाहिए था उस तरह से नहीं हो पा रहा है. यहां जिस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं उससे यही कहा जा सकता है कि आगरा में कोरोना का खतरा कभी भी बढ़ सकता है.






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