अब फाफामऊ श्मशान घाट पर दफनाये गए शवों की कब्रों से भी चुनरी और रामनामी दुपट्टे गायब- UP Chunri and Ramnami dupattas now missing from the graves of dead bodies buried at Phaphamau crematorium NODBK

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गौरतलब है कि कोरोना काल में जब मौतों का आंकड़ा बढ़ा तो प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर, फाफामऊ, छतनाग और अन्य कई श्मशान घाटों पर बड़ी संख्या में शवों को रेत में दफन कर दिया गया.

न्यूज 18 की टीम जब फाफामऊ (Phaphamau) के श्मशान घाट पर पहुंची तो यहां पर भी बड़ी संख्या में कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे गायब मिले.

प्रयागराज. कोरोना काल (Corona Era) में बड़ी संख्या में संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) के श्रृंगवेरपुर घाट पर दफनाये गये शवों की कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे हटाये जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और इसी तरह का मामला सामने आ गया है. अब फाफामऊ श्मशान घाट (Phaphamau Crematorium) पर भी रेत में दफनाये गए शवों की कब्रों से भी चुनरी और रामनामी दुपट्टे हटाये जाने की खबर है. हालांकि श्रृंगवेरपुर के मामले में डीएम और एसएसपी ने एक दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर एडीएम प्रशासन और एसपी गंगापार को जांच सौंपी दी है, जो जांच टीम पिछले दो दिनों से पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है.

लेकिन न्यूज 18 की टीम जब फाफामऊ के श्मशान घाट पर पहुंची तो यहां पर भी बड़ी संख्या में कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे गायब मिले. खासतौर पर मोटर पुल के नीचे दफनाये गए दर्जनों शवों की कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे हटाये गए हैं. कब्रों से हटाई गई चुनरी और रामनामी दुपट्टे को पास में ही मोटर पुल के एक पिलर के पास जलाये जाने के भी निशान मिले हैं. हालांकि, उससे आगे रेलवे ब्रिज तक दफनाये गए शवों की कब्रों से अभी चुनरी और रामनामी दुपट्टे नहीं हटाये गए हैं. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि जब 18 मई को शवों को दफनाये जाने पर प्रशासन ने पूरी तरह से पाबंदी लगा रखी है. और फाफामऊ घाट पर एसडीआरएफ की 24 घंटे निगरानी लगा दी गई है, तो आखिर किसने यहां आकर कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे हटाये हैं. और इसके पीछे उसका मकदस क्या था.

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रामनामी दुपट्टे गायब होने कई गम्भीर सवाल खड़े कर रहे हैंगौरतलब है कि कोरोना काल में जब मौतों का आंकड़ा बढ़ा तो प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर, फाफामऊ, छतनाग और अन्य कई श्मशान घाटों पर बड़ी संख्या में शवों को रेत में दफन कर दिया गया. न्यूज 18 ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद जिला प्रशासन ने यह कहा था कि यहां पर शवों को दफनाने की पुरानी परम्परा रही है. न्यूज 18 की खबर का असर ये हुआ कि प्रशासन ने शवों को गंगा किनारे दफनाने पर पाबंदी भी लगी दी थी. लेकिन उसके बावजूद फाफामऊ श्मशान घाट पर दफनाये गए शवों की कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे गायब होने कई गम्भीर सवाल खड़े कर रहा है.

कटान रोकने के लिए क्या कदम उठाता है

इसके साथ ही बारिश के बाद गंगा नदी के बढ़ रहे जल स्तर से गंगा नदी में कटान का भी खतरा भी बढ़ रहा है, जिससे कि नदी किनाने रेत में दफन किए गए शवों के सीधे नदी में प्रवाहित होने का भी खतरा बना हुआ है. लेकिन नदी के कटान को रोकने के लिए भी फिलहाल प्रशासन और सिंचाई विभाग ने कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की है. अब देखना ये है कि प्रशासन फाफामऊ श्मशान घाट पर दफनाये गए शवों की कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे हटाये जाने के मामले में क्या एक्शन लेता है. और कटान रोकने के लिए क्या कदम उठाता है.







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