अनिल देशमुख प्रकरण: ‘अनिल देशमुख प्रकरण से बिगड़ी सरकार की छवि’, कांग्रेसी मंत्रियों ने आलाकमान को भेजा संदेश – anil deshmukh matter has malign the image of maharashtra government says congress leader

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मुंबई,अभिमन्यु शितोले
अनिल देशमुख प्रकरण से महा विकास आघाडी सरकार की छवि खराब हुई है और इसके लिए एनसीपी जिम्मेदार है। सारे प्रकरण से कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है, बावजूद इसके महा विकास आघाडी सरकार में शामिल होने के कारण इसका खामियाजा कांग्रेस को भी भुगतना पड़ रहा है। यह बात शुक्रवार को बीकेसी स्थित एमसीए में हुई कांग्रेसी मंत्रियों की बैठक में कहीं गई। इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी एचके पाटील और एआईसीसी के सभी सचिव मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने की।

कांग्रेसी मंत्रियों का कहना था कि एनसीपी ने जिस तरह से अनिल देशमुख के मामले को हैंडल किया उससे सरकार बिना वजह बदनाम हुई है। एनसीपी के मंत्री नवाब मलिक और जितेंद्र आव्हाड जिस तरह बाद के दिनों में विपक्ष के आरोपों पर आक्रामक हुए अगर वह पहले होते तो सरकार की इतनी बदनामी नहीं होती। इतना ही नहीं कांग्रेसी मंत्रियों का यह भी कहना था कि एनसीपी अगर पहले ही अनिल देशमुख के मामले में तीनों पार्टियों की समन्वय समिति की बैठक बुलाकर स्थिति साफ करती, तो सबके लिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देना ज्यादा आसान होता।

संजय राउत को लेकर नाराजगी
बैठक में कांग्रेसी मंत्रियों ने संजय राउत द्वारा यूपीए के के चेयरपर्सन को लेकर लगातार की जा रही बयानबाजी पर भी आपत्ति दर्ज कराई गईं। कांग्रेसी मंत्रियों का कहना है कि इस मामले में शिवसेना को मजबूत संदेश भेजे जाने की जरूरत है। कांग्रेसी मंत्रियों ने कहा कि महा विकास आघाडी सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है, लेकिन सरकार के मुखिया उद्धव ठाकरे की पार्टी का कोई नेता अगर यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को हटाने की बात करेगा तो यह मंजूर नहीं किया जा सकता।

विकास निधि में भेदभाव
कांग्रेसी मंत्रियों ने इस बात को भी मजबूती के साथ उठाया कि महा विकास आघाडी सरकार में विकास निधि का समान रूप से बंटवारा नहीं हो रहा। सरकार का का महत्वपूर्ण घटक होने के बावजूद कांग्रेसी मंत्रियों को उनके चुनाव क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए मिलने वाली विकास निधि में भेदभाव किया जा रहा है। एनसीपी और शिवसेना को ज्यादा निधि दिया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले सबसे ज्यादा आक्रामक थे। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेसी मंत्री और विधायक काम विकास निधि मिलने के कारण अपने चुनाव क्षेत्रों में काम नहीं कर पाएंगे तो आगामी चुनावों में पार्टी को तकलीफ का सामना करना पड़ेगा।

कोरोना वैक्सीनेशन पर चर्चा
कांग्रेसी मंत्रियों ने राज्य में कोरोना की दूसरी लहर से उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीनेशन के लिए केंद्र सरकार से और ज्यादा टीकों की मांग की जानी चाहिए। इतना ही नहीं पूरे देश में 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को टीके की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

दिल्ली जाएगी रिपोर्ट
शुक्रवार को हुई इस मीटिंग की रिपोर्ट महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी एच.के. पाटिल दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान को सौंपेंगे। आलाकमान के निर्देश पर कि इन मुद्दों पर कांग्रेस अपनी आगामी रणनीति तय करेगी।

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