अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2022: 40 की उम्र के बाद योगासन कर रहे हैं शुरू, तो इन बातों का रखें ख्याल

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International Yoga Day 2022: हमारे तन और मन को तंदुरुस्त रखने के लिए योग किया जाता है. योग के जरिये शरीर की लगभग सभी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है. योग की महत्ता को देखते हुए ही दुनियाभर में हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (Yog Diwas) मनाने की शुरुआत की गई है. भारत में भी बीते कुछ वर्षों में योग के प्रति लोगों में काफी रुझान बढ़ा है. कोरोना आने के बाद तो स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरुकता बढ़ी है, इसके चलते हर उम्र के लोग योग को अपनाने लगे हैं. योग के वैसे तो आठ प्रमुख अंग होते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग स्वस्थ्य रहने के लिए योग आसन करने में दिलचस्पी दिखाते हैं.
योग के फायदों को देखते हुए अब 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में भी इसके प्रति जागरुकता बढ़ने लगी है. योग आसन की शुरुआत वैसे तो अकेले भी की जा सकती है लेकिन अगर आप चाहें तो किसी योग्य प्रशिक्षक की भी सलाह ले सकते हैं. आप अगर 40 की उम्र को पार कर चुके हैं और योगासन की शुरुआत करने जा रहे हैं तो कुछ बातें आपने के लिए जानना और उनका पालन करना आवश्यक है.

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40 की उम्र के बाद ऐसे करें योगासन की शुरुआत
वैसे तो योगासन शुरू करने की कोई उम्र नहीं होती है चाहे बच्चा हो या फिर बुजुर्ग कोई भी कभी भी योगासन करने की शुरुआत कर सकता है. योग मास्टर हिमालय सिद्ध अक्षर के अनुसार ‘योग कि किसी भी उम्र में शुरुआत की जा सकती है. हालांकि योग शुरू करने से पहले समय, काल और परिस्थिति का विचार करना भी जरूरी होता है. कम उम्र में शरीर में लचीलापन अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है लेकिन 40 की उम्र के बाद शरीर में जकड़न होने के साथ वजन ज्यादा होने की समस्या देखी जाती है. ऐसे में 40 की उम्र के बाद योगासन की शुरुआत सूक्ष्म योग से की जाना बेहतर होता है.’

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इन आसनों से शुरुआत कर सकते हैं
आपने कभी पूर्व में योगासन का अभ्यास नहीं किया है या फिर लंबे अरसे से योगासन नहीं किया है तो आपके लिए बेहतर है कि शुरुआत में सूक्ष्म योग का अभ्यास किया जाए. शुरुआत में आप सीधे खड़े होने का अभ्यास यानी समस्थिति का अभ्यास कर सकते हैं. इसके अलावा दण्डासन, सुखासन, ताड़ासन, संपूर्ण आसन से भी अपने योग की शुरुआत की जा सकती है. योग मास्टर हिमालय सिद्ध अक्षर के मुताबिक 40 की उम्र के बाद आसन के साथ ही प्राणायाम भी किया जाना चाहिए. इसकी शुरुआत भ्रामरी प्राणायाम से की जा सकती है. इसके अलावा बढ़ती उम्र के साथ खान-पान का ध्यान रखना भी विशेष आवश्यक है.

Tags: Health, International Yoga Day, Lifestyle

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